रविवार, जून 12, 2011

तेरी यादों में मैं खोई .....


106 टिप्‍पणियां:

  1. रूमानियत छलक रही है हर शब्द से . सुँदर भाव प्रवण रचना .

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  2. आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके पोस्ट की है हलचल...जानिये आपका कौन सा पुराना या नया पोस्ट कल होगा यहाँ...........
    नयी-पुरानी हलचल

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  3. प्रेम रस में डूबी सुन्दर अभिव्यक्ति

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  4. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (13-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  5. बहुत ही प्यारी लगी,ये रचना !
    कविता का खुबसूरत निच्छल प्रेम का प्रवाह लाजबाब है !

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  6. कोमल अहसासों से परिपूर्ण सुन्दर प्रेममयी रचना...कविता में भावों का प्रवाह प्रशंशनीय है...बहुत सुन्दर

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  7. वाह! बहुत बढ़िया लिखा है आपने.

    सादर

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  8. RAGHUNATH MISHRA12 जून, 2011 20:11

    Dr.varsha singh ka blog aur rachna tatha akarshak prastuti shresth hai.sadhuvad-badhai-shubhkamnayen varsha ji.-Raghunath Misra,advocate(kavi-sahityakar-sampadak-ramgkarmi-patrakar-alochak-vaiyaktik vikash salahkar-adhivakta-social worker-sansthapak,jan natya manch,Kota,Adhyaksha,Janwadi lekhak sangh,Kota va sadasya,Rajasthan rajya commmmittee va central council,Convenor,Kota division,All India Lawers union,member,state committee and prbhari kota district.

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  9. Full of romance and sugary memories :D
    Beauteous !!!!

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  10. मानसिक कुहांसे की तस्वीर उतारती रचना है वर्शाजी !
    उँगली पर आँचल लिप -टाती,यादों को छो कर शर्माती ,
    जैसे कोई सपनो में आ ,करता है मुझसे दिल जोई !
    अब तो आजा !अरे !बटोई।
    बटोई या बटोही वह होता है जिसकी बाट जोही जाती है .जनभाषा का शब्द है ये ।
    इजाज़त हो तो रिमिक्स बनाएं ?गुस्ताखी नहीं करंगें बिना इजाज़त के .

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  11. कोमल अहसासों से परिपूर्ण सुन्दर प्रेममयी रचना| धन्यवाद|

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  12. भावनाओं को कलम से पहुंचाने का हुनर कम ही लोंगो में होता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,आपमें ये भरा पड़ा है,सबूत है ये रचना

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  13. बहुत ही प्यारी रचना...सुंदर अभिव्यक्ति

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  14. डॉ.सिंह काफी दिनों बाद आपको पढ़ा ,माफ़ी चाहेंगे , साहित्य का उर्जावान पन्ना पढ़कर मन प्रमुदित होया गया ,निश्चय ही सुंदर रचना है
    बधाई जी /

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  15. सुंदर गीत के लिये बधाई और शुभकामनाएं |बिलम्ब के लिये क्षमा चाहता हूँ अभी जून तक व्यस्तता बनी रहेगी |

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  16. वर्षा जी तश्वीर और इबारत में जाने कितने खो गये होंगे मुझ जैसे...आभार और बधाई

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  17. चित्र-गीत दोनो बेहत खूबसूरत।

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  18. उँगली पर आँचल लिप
    chit sa ban gaya aankhoke samne
    prem ras ki sunder kavita
    rachana

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  19. खूबसूरती से सजा रहता है आपका ब्लॉग प्रष्ठ खोलते ही एक अलग ही अंदाज़ प्रस्तुत करता है और शब्दांकन उतना ही प्रभावशाली , अच्छी रचनाओ के लिए बधाई

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  20. लीगल सैल से मिले वकील की मैंने अपनी शिकायत उच्चस्तर के अधिकारीयों के पास भेज तो दी हैं. अब बस देखना हैं कि-वो खुद कितने बड़े ईमानदार है और अब मेरी शिकायत उनकी ईमानदारी पर ही एक प्रश्नचिन्ह है

    मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर श्री बी.के. गुप्ता जी को एक पत्र कल ही लिखकर भेजा है कि-दोषी को सजा हो और निर्दोष शोषित न हो. दिल्ली पुलिस विभाग में फैली अव्यवस्था मैं सुधार करें

    कदम-कदम पर भ्रष्टाचार ने अब मेरी जीने की इच्छा खत्म कर दी है.. माननीय राष्ट्रपति जी मुझे इच्छा मृत्यु प्रदान करके कृतार्थ करें मैंने जो भी कदम उठाया है. वो सब मज़बूरी मैं लिया गया निर्णय है. हो सकता कुछ लोगों को यह पसंद न आये लेकिन जिस पर बीत रही होती हैं उसको ही पता होता है कि किस पीड़ा से गुजर रहा है.

    मेरी पत्नी और सुसराल वालों ने महिलाओं के हितों के लिए बनाये कानूनों का दुरपयोग करते हुए मेरे ऊपर फर्जी केस दर्ज करवा दिए..मैंने पत्नी की जो मानसिक यातनाएं भुगती हैं थोड़ी बहुत पूंजी अपने कार्यों के माध्यम जमा की थी.सभी कार्य बंद होने के, बिमारियों की दवाइयों में और केसों की भागदौड़ में खर्च होने के कारण आज स्थिति यह है कि-पत्रकार हूँ इसलिए भीख भी नहीं मांग सकता हूँ और अपना ज़मीर व ईमान बेच नहीं सकता हूँ.

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  21. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ शानदार रचना लिखा है आपने! बधाई!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/

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  22. यह अहसास जब होता है तब कुछ कुछ होने लगता है. सुन्दर अभिव्यक्ति. बधाई स्वीकारें.

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  23. उंगली पर आँचल लिपटाती,यादों को छू कर रह जाती
    आपकी कल्पना की उड़ान का जवाब नहीं , ऐसे ह्रदय स्पर्शी दृश्यों को चुन चुन कर कहाँ से लाती हैं ?
    कोमल और नाजुक गीत.

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  24. Er. सत्यम शिवम जी,
    "नयी पुरानी हलचल" में शामिल करके आपने जो सम्मान दिया है और उत्साहवर्द्धन किया है, उस के लिए मैं आपकी बेहद आभारी हूं. आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

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  25. संगीता स्वरुप जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  26. वन्दना जी,
    (13-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देख कर मन प्रफुल्लित हो उठा....इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  27. ✿ मदन शर्मा जी,
    ✿ Kailash C Sharma ji,


    आपके विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया.हार्दिक धन्यवाद एवं आभार ....
    कृपया इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

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  28. ✿ यशवन्त माथुर जी,
    ✿ RAGHUNATH MISHRA JI,


    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  29. रश्मि प्रभा जी,
    मेरे गीत को पसंद करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    आप जैसे सुधी साहित्यकारों की बहुमूल्य टिप्पणी से मेरा उत्साह बढ़ेगा.

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  30. ✿ Jyoti Mishra ji,
    ✿ Veerubhai ji,
    ✿ Patali-The-Village ji,


    It's a pleasure to have you on my blog. regards.I am very glad to see your comment on my GEET. Hearty thanks.
    You're always welcome.

    उत्तर देंहटाएं
  31. ✿ Vivek Jain ji,
    ✿ Ved parkash ji,

    Thanks for your comments.
    Hope you will be give me your valuable response on my future posts.

    उत्तर देंहटाएं
  32. ✿ डॉ॰ मोनिका शर्मा जी,
    ✿ सुषमा 'आहुति' जी,

    आपका स्नेह मेरे गीत को मिला...यह मेरा सौभाग्य है.
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

    उत्तर देंहटाएं
  33. ✿ उदयवीर सिंह जी,
    ✿ जयकृष्ण राय तुषार जी,

    देर से सही, आपका आना सुखद लगा ...... हार्दिक धन्यवाद !
    बल्कि मैं आपको धन्यवाद भर कहूं तो यह कम ही होगा, आपके अपनत्व ने मुझे भावविभोर कर दिया है।अत्यंत आभार....

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  34. ✿ Chandra Bhushan Mishra 'Ghafil'ji,
    ✿ देवेन्द्र पाण्डेय जी,

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें। मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  35. ✿ रचना जी,
    ✿ कुश्वंश जी,

    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए आभारी हूं...
    आपका स्नेह मेरे गीत को मिला..यह मेरा सौभाग्य है.

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  36. रमेश कुमार जैन जी,
    बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  37. उर्मि चक्रवर्ती जी,Babli
    मेरे गीत को पसंद करने के लिये आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  38. अबनीश सिंह चौहान जी,
    मेरे गीत को पसंद करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके इस आत्मीय टिप्पणी देने के अनुग्रह के लिए आपको बहुत-बहुत आभार......

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  39. सपना निगम जी,
    आपकी इस आत्मीयता की मैं सदा अनुगृहीत रहूंगी.आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  40. सद्य स्नाता रचना का इंतज़ार -"सपनों में आ कर बरजोई...".

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  41. चित्र और रचना दोनों मनमोहक.... और सच ही तो है... यादें अनमोल पूंजी हैं. एक शेर याद आ गया

    चंद यादों के सिवा हाथ न कुछ आयेगा
    उमरे गुरेजां का न यूं पीछा कीजे
    जाने कब वो चले आयेंगे मिलने के लिये
    अपनी पलकों पे नई शम्मा जलाया कीजे

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  42. मोहिन्दर कुमार जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद ! बहुत अच्छे शेर लिखे हैं आपने.

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  43. वर्षा जी
    हम तो पहली बार आपके ब्लॉग पर आये....... बहुत प्रभावशाली ब्लॉग है आपका. यह कविता भी अच्छी बन पड़ी है.

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  44. बहुत ही प्यारी रचना...बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  45. Singh SDM ji,
    Thanks for your comments.Hope you will be give me your valuable response on my future posts.

    उत्तर देंहटाएं
  46. महेन्द्र श्रीवास्तव जी,
    मेरे गीत को पसंद करने के लिये आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  47. अम्रिता तन्मय जी,
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  48. Maheshwari kaneri ji,
    Hearty Thanks for your comment...
    You are always welcome in my blog.

    उत्तर देंहटाएं
  49. ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  50. मेरा बिना पानी पिए आज का उपवास है आप भी जाने क्यों मैंने यह व्रत किया है.

    दिल्ली पुलिस का कोई खाकी वर्दी वाला मेरे मृतक शरीर को न छूने की कोशिश भी न करें. मैं नहीं मानता कि-तुम मेरे मृतक शरीर को छूने के भी लायक हो.आप भी उपरोक्त पत्र पढ़कर जाने की क्यों नहीं हैं पुलिस के अधिकारी मेरे मृतक शरीर को छूने के लायक?

    मैं आपसे पत्र के माध्यम से वादा करता हूँ की अगर न्याय प्रक्रिया मेरा साथ देती है तब कम से कम 551लाख रूपये का राजस्व का सरकार को फायदा करवा सकता हूँ. मुझे किसी प्रकार का कोई ईनाम भी नहीं चाहिए.ऐसा ही एक पत्र दिल्ली के उच्च न्यायालय में लिखकर भेजा है. ज्यादा पढ़ने के लिए किल्क करके पढ़ें. मैं खाली हाथ आया और खाली हाथ लौट जाऊँगा.

    मैंने अपनी पत्नी व उसके परिजनों के साथ ही दिल्ली पुलिस और न्याय व्यवस्था के अत्याचारों के विरोध में 20 मई 2011 से अन्न का त्याग किया हुआ है और 20 जून 2011 से केवल जल पीकर 28 जुलाई तक जैन धर्म की तपस्या करूँगा.जिसके कारण मोबाईल और लैंडलाइन फोन भी बंद रहेंगे. 23 जून से मौन व्रत भी शुरू होगा. आप दुआ करें कि-मेरी तपस्या पूरी हो

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  51. वर्षा जी , श्रृंगार रस में पगी बहुत ही भीगी भीगी सी प्यारी रचना है मेरी बधाई स्वीकार करें !

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  52. प्रेममयी रचना.बहुत सुंदर अभिव्यक्ति, बधाई....

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  53. बहुत सुन्दर नवगीत, विशेषकर ये पंक्तियाँ तो कमाल की हैं-
    यादों को
    छूकर शरमाती।
    साधुवाद।

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  54. साधना वैद्य जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  55. सुनील कुमार जी,
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें। मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  56. आचार्य परशुराम राय जी,
    अत्यन्त आभारी हूं....आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  57. आपकी वर्षा जी !नै रचना बहुत इंतज़ार के बाद मिलती है .

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  58. khushkismat hai voh ,jiski yaad mein koi yun khoyaa to rahtaa hai...


    beautifully written and equally beautifully presented..

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  59. सुंदर रचना है सुंदर अभिव्यक्ति, बधाई....

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  60. Veerubhai ji,
    I am very glad to see your comment on my poem. Hearty thanks.

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  61. अमित श्रीवास्तव जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  62. Maheshwari kaneri ji,
    Hearty Thanks for your comment...

    उत्तर देंहटाएं
  63. समीर लाल जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  64. दिव्या जी,
    अत्यन्त आभारी हूं....आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  65. एकाकीपन
    खुद से बाटूँ
    दाँतों से
    होठों को काटूँ

    नीर भरन जमुना-तट जाकर
    अँसुवन जल से गगरी धोई...
    मखमली गीत,कोमल भाव.

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  66. रूमानियत से लबरेज़ है आपकी रचना.

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  67. सुन्दर.....मगर....कविता को अब आगे निकलना चाहिए. इस कठिन समय में कविता वो भी देखे, जो खा-पी कर अघाए लोग नहीं देख पाते. आप की प्रतिभा इस समय से संवाद करती रही है. भविष्य में भी करे. .

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  68. अरुण कुमार निगम जी,
    काव्यात्मक पंक्तियों के माध्यम से मेरे गीत को सराहने के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  69. कुंवर कुसुमेश जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  70. Rajeev Panchhi ji,
    Thanks for your comments.
    Hope you will be give me your valuable response on my future posts.

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  71. गिरीश पंकज जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !
    जीवन को सुन्दरता से जीने के लिए मधुर सपनों का होना भी जरूरी है.

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  72. यादें तो यादें होती
    रोके रुकती नहीं
    जो बीत गया उसमें
    हर लम्हा ताज़ा करती
    निरंतर मन को सुकून देती
    सुन्दर

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  73. Dipak Kumar ji,
    U r welcome on my Blog.
    I'm going to visit your Blog just now.

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  74. डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें....आपका सदा स्वागत है।

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  75. दीपक कुमार जी,
    हार्दिक धन्यवाद! आपका सदैव स्वागत है!

    उत्तर देंहटाएं
  76. आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके पोस्ट की है हलचल...जानिये आपका कौन सा पुराना या नया पोस्ट कल होगा यहाँ...........
    नयी-पुरानी हलचल

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  77. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  78. Er. सत्यम शिवम जी,
    "नयी पुरानी हलचल" पर मेरी पोस्ट को शामिल करके आपने जो सम्मान दिया है और उत्साहवर्द्धन किया है, उस के लिए मैं आपकी बेहद आभारी हूं. बहुत-बहुत धन्यवाद.

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  79. उर्मि चक्रवर्ती जी,Babli
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

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  80. वाह ...बहुत खूब कहा है आपने इन पंक्तियों में ।

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  81. सदा जी,
    अत्यन्त आभारी हूं....आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  82. क्षमा जी,
    अत्यन्त आभारी हूं....आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  83. वाह! बहुत बढ़िया !

    अनिल दवे

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  84. अनिल दवे जी,
    हार्दिक धन्यवाद! आपका सदैव स्वागत है!

    उत्तर देंहटाएं
  85. रिचा जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  86. एक खूबसूरत रचना ..
    हार्दिक शुभकामनायें !

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  87. आदरणीया ...Dr Varsha Singh जी सप्रेम अभिवादन ...
    आपकी रचनाओं में गहरी अभिब्यक्ति है जो सिर्फ टिप्पणी से कह पाना ,मुश्किल काम है ..
    मन की भावनाओं को सरल शब्दों में उकेरना आपकी एक उत्कृष्ट शैली है ...हार्दिक बधाई ...
    kosirgraminmitra.blogpost.com

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  88. बहुत ही सुन्दर कविता और शब्द जैसे भाव को नए रंग दे रहे हो.. बधाई

    आभार

    विजय

    कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

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