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बुधवार, नवंबर 11, 2020

अमावस पूनम सी उजियार | गीत | डॉ. वर्षा सिंह

प्रिय ब्लॉग पाठकों, आज प्रस्तुत है मेरा यह गीत जिसके माध्यम से मैंने दीपावली पर बुंदेलखंड की सुहागिन स्त्री का चित्रण किया है....

गीत....
अमावस पूनम सी उजियार
            - डॉ. वर्षा सिंह

रोशनी बिखरी आंगन द्वार
   अमावस पूनम सी उजियार
    नए गोरी के साज-सिंगार
    रोशनी बिखरी आंगन द्वार

लक्ष्मी मैया सब सुख देना
मन की भोली चाह कहे
रात दिवाली रहे बरस भर
जगमग कातिक मास रहे

     चढ़ा कर श्रद्धा से फिर फूल
     सुहागिन मांगे सुख-संसार
     रोशनी बिखरी आंगन द्वार

सिर-माथे पर आंचल डाले
हाथों पूजा-थाल लिए
तुलसी चौरे झुक कर रखती
माटी के अनमोल दिए

      आंखों बसा सजन का रूप
      अब तो सांस-सांस त्यौहार
      रोशनी बिखरी आंगन द्वार
                -------------
               

#दीपावली #अमावस्या #बुंदेलखंड #सुहागिन #रोशनी

मंगलवार, मई 07, 2019

बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता केन्द्रित बुंदेली गीत... बचपन न छीनो- छिनाओ - डॉ. वर्षा सिंह


Dr. Varsha Singh

अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
     
   आज अक्षय तृतीया के अवसर पर  बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता केन्द्रित मेरे बुंदेली गीत को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 07 मई 2019 में स्थान मिला है।

युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏

http://yuvapravartak.com/?p=14485

मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...

बचपन न छीनो- छिनाओ
           - डॉ. वर्षा सिंह

बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !
अक्षय तीजा खूबई मनइयो
पुतरा-पुतरियन को ब्याओ रचइयो
नबालिग को ब्याओ न कराओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !

खेलत- पढ़त की जोई उमरिया
मूड़े न धरियो भारी गगरिया
अबई से दुलैया न बनाओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो - छिनाओ मोरी बिन्ना !

अठरा बरस की मोड़ी हो जैहे
इक्किस को मोड़ा जब मिल जैहे
माथे पे सेहरा बंधाओ मोरी बिन्ना
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !

बच्चन की शिक्छा-दिक्छा कराओ
जिम्मेदारी को पाठ पढ़ाओ
मड़वा तबई गड़ाओ  मोरी बिन्ना !
बचपन न छीनो - छिनाओ मोरी बिन्ना !

छोटी उमर को ब्याव बुरो है
जिनगी भर को कष्ट बनो है
समझो जा बात समझाओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !
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#बुंदेली वर्षा

http://yuvapravartak.com/?p=14485