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शनिवार, मई 09, 2020

मातृ दिवस (10 मई) पर विशेष बुंदेली गीत ... मां से बड़ो ने कोनउ - डॉ. वर्षा सिंह

Happy Mother's Day 2020

मातृ दिवस (10 मई) पर विशेष बुंदेली गीत

मां से बड़ो ने कोनउ
     - डॉ. वर्षा सिंह

भौतई प्यारी लगत हमें, चए
अम्मा कओ, चए माई
कै लो मां खों बऊ प्यार से
माताराम, मताई

जे अपनों नईं ध्यान रखत हैं
ममता की माया में,
खुद रह लेबें कड़क धूप में
हमें रखत छाया में,
रूखो-सूखो खुद खा लैहैं
देतीं हमें मिठाई

उल्टे-सूधे काम उपद्री
कभऊं होत हमसे है,
पैलऊं गुस्सा पांछे उनको
लाड़-प्यार बरसे है,
सरमिंदा कर देत हमें है
हमरी ढीठ-ढिठाई


बच्चन के लाने ने सोई
रातन-रातन जागी,
मां को प्यार मिलत है जीको
बे सबसे बड़भागी,
"वर्षा" मां से बड़ो ने कोनउ
करत हमेस भलाई

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मातृ दिवस पर पढ़िए मेरा यह बुंदेली गीत जो आज web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 10.05.2020 में प्रकाशित हुआ है।


युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=32149





शनिवार, अप्रैल 11, 2020

लॉकडाउन संदर्भित बुंदेली गीत ... बाहर कहूं ने जइयो - डॉ. वर्षा सिंह

 
Dr. Varsha Singh

  टोटल लॉकडाउन के दौरान सागर नगर  में भी कल दिनांक 10.04.2020 को कोरोना वायरस संक्रमण का पहला पॉज़ीटिव केस मिलने संदर्भित समाचार पर बुंदेली बोली में मेरी गीतात्मक अभिव्यक्ति ...

बाहर कहूं ने जइयो
        - डॉ. वर्षा सिंह

घर के भीतर रहियो
बाहर कहूं ने जइयो
कोरोना बैरी हत्यारो
औरन को समझइयो

इते सागरे आओ करोना
कृष्णगंज थो अड्डा
शनीचरी भई क्वारैंटाइन
लगे बजरिया तिगड्डा
हिम्मत राखे रहियो
बाहर कहूं ने जइयो

डिस्टेंसिंग ने राखी देखो
जो परिणाम भओ है
सागर पूरो लॉकडाउन है
मुस्किल में पर गओ है
सम्हर तनक तो जइयो
बाहर कहूं ने जइयो

लॉकडाउन को मतलब समझो
नांय, मांय की छोड़ो
दूरई-दूर निभाओ रिस्ता
जी से नाता जोड़ो
भागमभाग ने करियो
बाहर कहूं ने जइयो

अपनो सागर न्यारो सागर
काज नियम से करियो
दूर राखने हमें करोना
गांठ बांध जा लइयो
"वर्षा"- बिनती सुनियो
बाहर कहूं ने जइयो

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जी हां, मेरी यह ताज़ा बुंदेली रचना आज web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 11.04.2020 में  प्रकाशित हुई है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
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http://yuvapravartak.com/?p=28791






रविवार, अप्रैल 05, 2020

5 अप्रैल 2020 को रात्रि 9 बजे 9 मिनट दीप जलाने संदर्भित अवसर पर विशेष बुंदेली गीत .... दीपक एक जलइयो -डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

           सबई भारतवासियन खों अपने प्रधानमंत्री मोदी जी के संदेस खों पालन करबे के लाने आज 5 तारिख खों रात 9 बजे 9 मिनट तक घर की सबई बत्ती बुझा के दीपक जलाने है सो बुंदेली बोली में हमाई बी जा बिनती सुन ल्यो...

बुंदेली गीत

   दीपक एक जलइयो
        -डॉ. वर्षा सिंह

दीपक एक जलइयो, ओ भैय्या !
दीपक एक जलइयो ।।

अंधियारो डर-भय को फैलो
कर रऔ मन को हुन्ना मैलो
तनकऊ ने घबरइयो, ओ बिन्ना !
दीपक एक जलइयो ।।

आज इतवारे नौ जब बजहें
सबई मिल के जोत जलैहें
एकजुटता दिखलइयो, ओ गुंइयां !
दीपक एक जलइयो ।।

पास न कोनऊ के तुम जइयो
दूरई- दूर से जै-जै करियो
कोरोना खों हरइयो, ओ कक्का !
दीपक एक जलइयो ।।

को का कै रौ, कान ने दइयो
तालाबंदी सफल बनइयो
बाहर कहुं ने जइयो, ओ भौजी !
दीपक एक जलइयो ।।

मोदीजी की बातें ग्यानी
"वर्षा" ने सब दिल से मानी
समझो उर समझइयो, ओ दद्दा !
दीपक एक जलइयो ।।

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लॉकडाउन के इस कठिन समय में हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा आज रात्रि में 9 बजे दीपक, मोमबत्ती आदि का प्रकाश करने हेतु जो आह्वान किया गया है, उस पर केंद्रित मेरा एक बुंदेली गीत आज web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 05.04.2020 में प्रकाशित हुआ है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
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गुरुवार, जून 20, 2019

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2019 पर विशेष बुंदेली गीत - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

मेरे बुंदेली गीत को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 21 जून 2019 में स्थान मिला है। 
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
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http://yuvapravartak.com/?p=16068


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2019 पर बुंदेली गीत 

योगासन है सबसे न्यारो

            - डॉ. वर्षा सिंह


हो गई भोर सुहानी, ओ बिन्ना

काय परी अलसानी, ओ बिन्ना

मूंड़ पे डारे चदरा- पटका

कसर-मसर तोड़त हो पलका
उठ बैठो महरानी, ओ बिन्ना
हो गई भोर सुहानी, ओ बिन्ना

उठ के कारज रोज के कर ल्यौ

भगवन की छवि ध्यान में धर ल्यौ
भूल के बात पुरानी, ओ बिन्ना
हो गई भोर सुहानी, ओ बिन्ना

भारत देस हमारो प्यारो

योगासन है सबसे न्यारो
दुनिया जाकी दिवानी, ओ बिन्ना
हो गई भोर सुहानी, ओ बिन्ना

काया के सब रोग मिटा ल्यौ

योग करन की लगन लगा ल्यौ
छोड़ो अब मनमानी, ओ बिन्ना
हो गई भोर सुहानी, ओ बिन्ना

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#बुंदेलीवर्षा


बुंदेली गीत - डॉ. वर्षा सिंह


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - डॉ. वर्षा सिंह

बुधवार, जून 05, 2019

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष बुंदेली गीत.... अपनी बुंदेली धरती- डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

       विश्व पर्यावरण दिवस पर मेरे बुंदेली गीत को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 04 जून 2019 में स्थान मिला है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏

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http://yuvapravartak.com/?p=15420

बुंदेली गीत
         - डॉ. वर्षा सिंह

बिन पानी के कूड़ा- माटी
हो गईं सबरी कुइयां
मारे -मारे फिरत ढोर हैं
प्यासी फिर रईं गइयां
गरमी की जे मार परी है
सूखे ताल- तलइया।।

सूरज तप रऔ ऐसोे जैसे
भट्ठी इतई सुलग रई
भीतर- बाहर, सबई तरफ जे
लू की लपटें लग रईं
कौन गैल पकरें अब गुइयाँ
मिलत कहूं ने छइयां ।।

बांध रये सब आशा अपनी
मानसून के लाने
जब से झाड़- पेड़ सब कट गए
बदरा गए रिसाने
पूछ रये अब “वर्षा” से सब
बरसत काये नइयां ।।

ईमें सोई गलती अपनई है
नाम कोन खों धरिये
मनयाई मानुस ने कर लई
को कासे अब कईये
अब ने जे गलती दुहरायें
कसम उठा लो भइया ।।

ताल- तलैया गहरे कर लो
पौधे नए लगा लो
रहबो चइये साफ कुंआ सब
ऐसो नियम बना लो
जे अपनी बुंदेली धरती
बनहे सोनचिरइया ।।
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#बुंदेलीवर्षा

बुंदेली गीत - डॉ. वर्षा सिंह

मंगलवार, मई 07, 2019

बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता केन्द्रित बुंदेली गीत... बचपन न छीनो- छिनाओ - डॉ. वर्षा सिंह


Dr. Varsha Singh

अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
     
   आज अक्षय तृतीया के अवसर पर  बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता केन्द्रित मेरे बुंदेली गीत को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 07 मई 2019 में स्थान मिला है।

युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏

http://yuvapravartak.com/?p=14485

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बचपन न छीनो- छिनाओ
           - डॉ. वर्षा सिंह

बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !
अक्षय तीजा खूबई मनइयो
पुतरा-पुतरियन को ब्याओ रचइयो
नबालिग को ब्याओ न कराओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !

खेलत- पढ़त की जोई उमरिया
मूड़े न धरियो भारी गगरिया
अबई से दुलैया न बनाओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो - छिनाओ मोरी बिन्ना !

अठरा बरस की मोड़ी हो जैहे
इक्किस को मोड़ा जब मिल जैहे
माथे पे सेहरा बंधाओ मोरी बिन्ना
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !

बच्चन की शिक्छा-दिक्छा कराओ
जिम्मेदारी को पाठ पढ़ाओ
मड़वा तबई गड़ाओ  मोरी बिन्ना !
बचपन न छीनो - छिनाओ मोरी बिन्ना !

छोटी उमर को ब्याव बुरो है
जिनगी भर को कष्ट बनो है
समझो जा बात समझाओ मोरी बिन्ना!
बचपन न छीनो- छिनाओ मोरी बिन्ना !
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#बुंदेली वर्षा

http://yuvapravartak.com/?p=14485

शनिवार, मई 04, 2019

मतदाता जागरूकता अभियान संदर्भित बुंदेली गीत... ओ बड्डे, काय फिरत भैराने - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

बुंदेली गीत
              - डॉ. वर्षा सिंह

ओ बड्डे, काय फिरत भैराने ।।
काय फिरत भैराने, ओ बड्डे
अपनो हाल बतइयो हमसे
करियो नाय बहाने ।
ओ बड्डे, काय फिरत भैराने ।।

कोऊ से तुम अब ना डरइयो
वोट डारबे खों तुम बी जइयो
देश के लाने कदम बढ़इयो
अपनो वोट डार के अइयो

लोकतंत्र त्यौहार हमाओ
ऊ में का शरमाने !
ओ बड्डे, काय फिरत भैराने ।।

भौजी संगे हंस के जइयो
प्रजातंत्र की गैल दिखइयो
वोटन को अधिकार बतइयो
तुम अपनो बी वोट गिरइयो

वोट -वोट मिलके नई संसद
नोनी खूब बनाने ।
ओ बड्डे, काय फिरत भैराने ।।

आज अबई जा कसम उठइयो
कोऊ की बातन में ना अइयो
जी को अपने ना बहकइयो
सोच समझ के बटन दबइयो

एक तुमाओ वोट है हीरा
ई को नाय गंवाने ।
ओ बड्डे, काय फिरत भैराने ।।

बुंदेली गीत ... मतदाता जागरूकता - डॉ. वर्षा सिंह

मेरे इस बुंदेली गीत को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 05 मई 2019 में स्थान मिला है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
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