समय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, दिसंबर 28, 2018

हमारा समय बहुत निष्ठुर है - डॉ. वर्षा सिंह


कहीं कोई सितारा टूटा है
आसमान में
या
फूल गिरा है मुरझा कर
धरती पर.

क्या पता !
ऐसी बातें पेज 3 की ख़बर नहीं बनतीं
और न ही बनती हैं
ब्रेकिंग न्यूज़.
हां, दोस्त !
हमारा समय बहुत निष्ठुर है.

शुक्रवार, नवंबर 10, 2017

सूर्य हुआ फिर उदित

सूर्य हुआ फिर उदित
प्रकृति हो गई मुदित
        कि रोशनी फैल गई
             जगी उम्मीद नई
          नहीं रहती कायम हरदम
              अंधेरे की काली छाया
           बदलती रहती है प्रतिपल
         समय की गतिशाली काया
हो कब कैसे क्या - क्या
नहीं किसी को विदित
      ☀- डॉ. वर्षा सिंह