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कुछ पुरानी चिट्ठियां
कुछ तस्वीरें
और कुछ डायरी के पन्ने
यादों के ठिकाने
पता नहीं कहां- कहां होते हैं
- डॉ वर्षा सिंह
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बुधवार, अगस्त 16, 2017
यादों के ठिकाने
यादों के ठिकाने....
कभी सोते हुए
कभी जागते हुए
अचानक, अप्रयास
सामने आ जाती हैं
बीते हुए दिनों की कतरनें
यादों के ठिकाने
पता नहीं कहां- कहां होते हैं
- डॉ वर्षा सिंह
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