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बुधवार, जुलाई 12, 2017

बारिश

अब तक तो बिताई थी तन्हाई में बारिश।
अब की दफा है बरसी शहनाई में बारिश ।
साजन हैं पास मेरे,  दिल भी है ख़ुश मेरा,
बीतेगी अब की बार तो पुरवाई में बारिश ।
         🍁 - डॉ वर्षा सिंह