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रविवार, सितंबर 23, 2018

Congratulations My Sister Dr. (Sushri) Sharad Singh 🌹

सागर गौरव सम्मान डॉ.(सुश्री) शरद सिंह को
 
 विगत  दिनांक 21.09.2018 को सागर शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था " विचार " द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय सागर नगर की  प्रतिभाओं के एक भव्य सम्मान समारोह में मेरी बहन डॉ. (सुश्री) शरद सिंह को इस वर्ष से प्रारम्भ किए गए प्रथम " सागर गौरव सम्मान " से सम्मानित किया गया।




 स्थान था मैजेस्टिक प्लाजा, सागर का सभागार .... और शरद को यह सम्मान प्रदान करने वाले सागर शहर की हस्तियों में प्रमुख व्यक्ति थे...  कला गुरु विष्णु पाठक, योग गुरु विष्णु आर्य, पर्यावरणविद आशारानी मलैया, एकता समिति के संस्थापक रशीद भाई और   समाजसेवी, " विचार " संस्था के संस्थापक एवं बिजनेसमैन कपिल मलैया।

Sagar Gourav Samman 2018


केन्द्र शासन के पंडित गोविंद वल्लभ पुरस्कार ,राज्य स्तरीय रामेश्वर गुरू पत्रकारिता सम्मान पुरस्कार, प्रादेशिक वागीश्वरी सम्मान , विजय वर्मा कथा सम्मान आदि अनेक सम्मानों से सम्मानित वरिष्ठ लेखिका डाॅ. (सुश्री) शरद सिंह द्वारा  लिखित विभिन्न विषयों पर लगभग पचास पुस्तकें अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने शोषित, पीड़ित स्त्रियों के पक्ष में अपने लेखन के द्वारा हमेशा आवाज़ उठाई है। बुन्देलखण्ड की बेड़िया स्त्रियों पर केन्द्रित उनकी पुस्तक ‘पिछले पन्ने की औरतें’, महिला बीड़ी श्रमिकों पर केन्द्रित ‘पत्तों में कैद औरतें’ तथा स्त्री विमर्श पुस्तक ‘औरत तीन तस्वीरें’ मनोरमा ईयर बुक में शामिल की जा चुकी हैं। लिव इन रिलेशन पर उनके उपन्यास 'कस्बाई सिमोन' को राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर के अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनका एक और उपन्यास "पचकौड़ी" राजनैतिक और पत्रकारिता जगत की पर्तों का बारीकी से विश्लेषण करने वाला पठनीय एवं लोकप्रिय उपन्यास है।



   खजुराहो की मूर्तिकला विषय में पीएचडी , सागर की प्रतिष्ठित साहित्यकार, कथालेखिका एवं उपन्यासकार डॉ शरद सिंह वर्तमान में मध्यप्रदेश के सागर नगर में निवास करते हुए स्वतंत्र लेखन के कार्य के साथ नई दिल्ली से प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका "सामयिक सरस्वती" में कार्यकारी सम्पादक का दायित्व निभा रहीं हैं एवं पत्र-पत्रिकाओं सहित सोशल मीडिया पर वे लगातार अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं।
Dr. (Sushri) Sharad Singh

वे मानती हैं कि अधिकारों का ज्ञान और साहस ही स्त्रियों को शोषण-मुक्त जीवन दे सकता है। सागर से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र "सागर दिनकर" में उनका नियमित कॉलम "चर्चा प्लस" अनेक समसामयिक मुद्दों पर विश्लेषणात्मक लेखन के लिए प्रबुद्ध पाठकों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। इससे पूर्व डाॅ. (सुश्री) शरद सिंह सागर से ही प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र "आचरण" में अनेक वर्षों तक "बतकाव" शीर्षक का नियमित कॉलम लेखन कर चुकी हैं।