अब तक तो बिताई थी तन्हाई में बारिश।
अब की दफा है बरसी शहनाई में बारिश ।
साजन हैं पास मेरे, दिल भी है ख़ुश मेरा,
बीतेगी अब की बार तो पुरवाई में बारिश ।
🍁 - डॉ वर्षा सिंह
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बुधवार, जुलाई 12, 2017
बारिश
शुक्रवार, मई 12, 2017
फूल खिले तो ..।।.
फूल ख़िले तो ख़ुशबू आई
साथ पुरानी यादें लाई
मिल जुल कर नापा करते थे
इश्क़ में है कितनी गहराई
- डॉ वर्षा सिंह
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