🚩 मकरसंक्रांतिशुभाशयाः 🚩
(मकर संक्रांति की शुभकामनाएं)
🚩तिलवत् स्निग्धं मनोऽस्तु वाण्यां गुडवन्माधुर्यम्।
तिलगुडलड्डुकवत् सम्बन्धेऽस्तु सुवृत्तत्त्वम्।।🚩
(मकर संक्रांति पर यही कामना है कि तिल की भांति हम सभी के मन स्निग्ध अर्थात् स्नेहयुक्त हों, गुड़ की भांति हमारे शब्दों में मधुरता हो और जिस प्रकार लड्डू में तिल और गुड़ की प्रबल घनिष्ठता रहती है वैसे ही हमारे संबंध हों स्नेहपूर्ण हों)
🚩भास्करस्य यथा तेजो मकरस्थस्य वर्धते।
तथैव भवतां तेजो वर्धतामिति कामये।।🚩
(जिस प्रकार मकर राशि में प्रवेश करने के बाद दिन प्रतिदिन सूर्य देव का तेज बढ़ता जाता है उसी प्रकार आप का तेज, यश और कीर्ति भी दिन प्रतिदिन बढ़ती रहे। )
🕉️ 🙏 🌞 🍪 - डॉ. वर्षा सिंह
