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सोमवार, नवंबर 27, 2017

हरीसिंह गौर नाम है जिनका

हरीसिंह गौर नाम है जिनका
सबके दिल में रहते हैं
बच्चे बूढ़े गांव शहर सब
उनकी गाथा कहते हैं… बच्चे बूढ़े

रोक न पाई निर्धनता भी
बैरिस्टर बन ही ठहरे
उनका चिंतन उनका दर्शन
उनके भाव बहुत गहरे
ऐसे मानव सारे दुख को
हंसते हंसते सहते हैं ...बच्चे बूढ़े

शिक्षा ज्योति जलाने को ही
अपना सब कुछ दान दिया
इस धरती पर सरस्वती को
तन,मन,धन से मान दिया
उनकी गरिमा की लहरों में
ज्ञानदीप अब बहते हैं.. बच्चे बूढ़े

ऋणी सदा बुंदेली धरती
ऋणी रहेगा युवा जगत
युगों युगों तक गौर भूमि पर
शिक्षा का होगा स्वागत
ये है गौर प्रकाश कि जिसमें
अंधियारे सब ढहते हैं.. बच्चे बूढ़े
  - डॉ. वर्षा सिंह

शनिवार, सितंबर 16, 2017

पाठक मंच गोष्ठी, डॉ हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय , सागर दि. 15.09.2017

प्रिय मित्रों,
आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी सभागार, हिन्दी विभाग , डॉ हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय , सागर में दिनांक 15.09.2017 को पाठक मंच द्वारा आयोजित वरिष्ठ कथाकार मृदुला सिन्हा की किताब " ढाई बीघा ज़मीन" की समीक्षा गोष्ठी की कुछ तस्वीरें आप सब से शेयर कर रही हूं।

Pathak Manch Samiksha Goshthi Held at Aacharya Nand Dulare Bajpai Sabhagaar , Hindi Department , Dr. Hari Singh Gour Central University , Sagar
15.09.2017