🌼 वसन्त पंचमी पर हार्दिक शुभकामनाएं 🌼
सुन लो, यही कहानी है।
जीवन बहता पानी है ।
जी लो आज अभी जो है
बेशक़ दुनिया फानी है।
नैट- चैट की बातों में
चिट्ठी हुई पुरानी है।
पहले लव की शेष यही
सूखा फूल निशानी है।
सबके मन को भाये जो,
मीठी बोली- बानी है।
गर वसन्त है राजा तो,
"वर्षा" ऋतु की रानी है।
- डॉ. वर्षा सिंह
#ग़ज़लवर्षा
