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गुरुवार, जुलाई 16, 2020

डॉ. विद्यावती "मालविका" के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर यूट्यूब वीडियो - डॉ. वर्षा सिंह

डॉ. विद्यावती "मालविका"
प्रिय ब्लॉग पाठकों,
             हिन्दी की वरिष्ठ साहित्यकार, कवयित्री मेरी माताजी डॉ. विद्यावती "मालविका" के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं साहित्यिक अवदान पर केंद्रित वीडियो यूट्यूब चैनल "साहित्य सागर" पर कल दिनांक 15.07.2020 को रिलीज़ किया गया है। जिसकी link निम्नलिखित है....
https://youtu.be/CNeoV6EM9Rw

Pinterest पर इस video को निम्नलिखित link पर देखा जा सकता है।
https://pin.it/2VEb9ym

यूट्यूब पर डॉ. विद्यावती "मालविका"

मित्रों, मैं आपको यहां यह भी बताना चाहूंगी कि मेरी माता जी 92 वर्ष की आयु में भी पठन, पाठन, अध्ययन, मनन में सक्रिय हैं। इस वीडियो में उन्होंने अपनी काव्य रचनाओं का सस्वर पाठ भी किया है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि इस वीडियो में माता जी के कृतित्व, व्यक्तित्व पर मेरी अनुजा डॉ. (सुश्री) शरद सिंह ने चर्चा की है।


रविवार, मई 10, 2020

🙋 Happy Mother's Day 2020 💐 गीत...मां की महिमा न्यारी - डॉ. वर्षा सिंह

From left : Me Dr Varsha Singh & My Loving Mother Dr. Vidyawati "Malvika"

🙏 ❤ आज 10 मई को मातृदिवस पर मेरी प्रिय मां डॉ. विद्यावती "मालविका" को समर्पित मातृवंदना ❤🙏
  मां की महिमा न्यारी
      - डॉ. वर्षा सिंह

वंदनीय है, अतुलनीय है
मां है सबसे प्यारी ।
मां से बड़ा न कोई जग में
मां की महिमा न्यारी ।।

मां की ममता जैसी कोई और न छांह घनी,
कैसा भी हो अंधियारा वह ज्योति समान बनी,
बच्चों के सुख की ख़ातिर मां
कष्टों से ना हारी ।।
मां की महिमा न्यारी ।।

अपनी बात करूं तो मां का आशीर्वाद मिला,
इसीलिए तो संस्कार का अनुपम पुष्प खिला,
मां से मिली विरासत में ये
गीत- सृजन फुलवारी ।।
मां की महिमा न्यारी ।।

बचपन में ही छोड़ पिताजी स्वर्ग सिधार गए,
हम बहनों के पालन मां ने कितने त्याग किए,
चुका नहीं पाएगी "वर्षा"
मां का यह ऋण भारी ।।
मां की महिमा न्यारी ।।
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#HappyMothersDay #Mother
#मातृदिवस #मांतुझेसलाम
#मां_की_महिमा
#मातृवंदना
#मातृ_दिवस

बुधवार, अप्रैल 08, 2020

लॉकडाउन में घर में ही रहें - डॉ. विद्यावती "मालविका".... प्रस्तुति डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

       "कोरोना लॉकडाउन और हम" के अंतर्गत web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 08 अप्रैल 2020 में मेरी माता जी डॉ. विद्यावती सिंह "मालविका" के विचार प्रकाशित किए गए हैं।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=28459

डॉ. विद्यावती "मालविका"


लॉकडाउन में घर में ही रहें
    - डॉ. विद्यावती "मालविका"
    वरिष्ठ साहित्यकार, सागर

    मेरे जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आए। मुझे अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा लेकिन मैंने अपनी 90 वर्ष की आयु में पहली बार ऐसी तालाबंदी देखी है। ब्रिटिश काल में तो कई बार कर्फ्यू की स्थिति बन जाती थी और इसी प्रकार दंगे फसाद के समय भी कर्फ्यू लगाया जाता था लेकिन लॉकडाउन मैंने अपने जीवन में पहली बार देखा है, जब मंदिर के पट भी बंद हैं और अस्पतालों में ओपीडी भी बंद कर दी गई है। पहले जब कर्फ्यू लगाया जाता था तो उस कर्फ्यू के नियमों को तोड़ने वालों पर पुलिस के डंडे चलते थे या उन्हें जेल भेज दिया जाता था, लेकिन आज पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डाल कर लॉकडाउन के नियमों का पालन करा रहे हैं। यदि हम नियमों का पालन नहीं करेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग नहीं बनाएंगे  तो हम अपने स्वास्थ्य से ही नहीं बल्कि अपने परिवार के, अपने पड़ोसियों के, अपने देशवासियों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाएंगे। यह जीवन और मृत्यु का सवाल है अतः हमें इसे गंभीरता से लेना होगा। कोरोना वायरस को किसी भी हाल में और फैलने नहीं देना है।
     मेरी दोनों बेटियां - बड़ी बेटी डॉ. वर्षा सिंह और छोटी बेटी डॉ. शरद सिंह पहले की तरह मेरा बहुत ख़याल रखती हैं। मुझे चिंतामुक्त रखने के लिए कोरोना से संबंधित अपडेट्स बताती रहती हैं। वे दोनों लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कर रही हैं। इसे देख कर मेरी चिंता यूं भी कम हो जाती है । इन दिनों मैं दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत देख रही हूं। इन्हें फिर से देखना सुखद लग रहा है। हमारी कॉलोनी में शांति रहती है। इसका तो नाम ही है शांति विहार कॉलोनी।
     देश में लॉकडाउन पहली बार किया गया है तो  ऐसा संकट भी तो पहली बार आया है। कोरोना वायरस का असर इतना भीषण है कि पूरा देश, पूरी मानव जाति संकट में आ गई है। इस संकट से उबरने के लिए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था लेकिन दुख है कि लोगों ने उसका ढंग से पालन नहीं किया। जबकि मोदी जी ने हम सभी भारतीय जनता की भलाई के लिए ही जनता कर्फ्यू लगवाया था और अब यह लॉकडाउन लगाया है। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। कोरोना वायरस से सम्बन्धित लक्षण यदि किसी भी व्यक्ति में पाए जाते है तो उसे तुरंत नजदीकी हस्पताल में ले जाएं।
     प्रशासन बहुत ठीक कर रही है। प्रशासन की तरह मेरा भी सबसे अनुरोध है कि प्रतिदिन घर में रह कर पूजा-पाठ करें। घर से बाहर बिलकुल नहीं निकलें। ईश्वर तो कण-कण में विराजमान हैं। उनकी पूजा के लिए मंदिर जाना ज़रूरी नहीं है।  ईश्वर भक्ति से प्रसन्न होता है, जोकि घर में रह कर भी उतनी ही श्रद्धा से की जा सकती है। घर में रहें और प्रार्थना करें कि दुनिया में सभी मनुष्य स्वस्थ-प्रसन्न रहें। यह मानें कि ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा है और हमें इस परीक्षा में उत्तीर्ण होना ही है।
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#युवाप्रवर्तक
#लॉकडाउन #कोरोना

सोमवार, अक्टूबर 01, 2018

Happy International Day of Older Persons !


Dr. Varsha Singh

आज अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर स्थानीय 'पत्रिका' समाचारपत्र ने मेरी माताश्री डॉ. विद्यावती 'मालविका' की क्रियाशीलता के बारे में प्रकाशित किया है। जिसे मैं आप सबसे शेयर कर रही हूं।
हार्दिक आभार "पत्रिका" 🙏


Patrika News paper dt 01.10.2018 published my about my mother Dr. Vidyawati Malvika, renowned Hindi writer, Poetess & Retired Lecturer.

Happy International Day of Older Persons !