बुधवार, मई 16, 2012

मेरी हंसी.....


14 टिप्‍पणियां:

  1. ये हंसी लगती पराई है ,
    लगता है ...लिखने की बस!रीत निबाही है ......

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  2. ab agar suna to tamam jabab dene honge..fursat hoti hai samajh me bhee aata hai par dar lagta hai

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  3. आप फोटो देख के कविता लिखतीं हैं...या...कविता के हिसाब से फोटो खोजतीं हैं...बहरहाल जो भी करतीं हैं...सुकून देता है...

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  4. हर एक पंक्तियाँ अद्भुत सुन्दर है

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  5. आपकी पोस्ट 17/5/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें

    चर्चा - 882:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  6. प्यारा आवाहन ....
    आभार आपका !

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  7. आपकी पंक्तियों को समर्पित

    पंक्ति दांतों की मोती से मन को मेरे हुलसाते हैं,
    अधरों पर मुस्कान तेरी जाने अनजाने जाने हैं ..

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  8. sher to dekhe sune lekin masus aaj kiya

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