शुक्रवार, जुलाई 01, 2011

तुम्हारी याद आई .....


114 टिप्‍पणियां:

  1. जज्बातों को बखूबी अभिव्यक्त किया है आपने .....आपका आभार

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  2. बहुत सुंदर ...प्रेमपगे प्यारे अहसास ....

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  3. आदरणीय वर्षा जी
    नमस्कार !
    शब्द जैसे ढ़ल गये हों खुद बखुद
    सुखद अहसास हुआ इसे पढ़ कर ! बहुत सुन्दर !

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  4. करीब १५ दिनों से अस्वस्थता के कारण ब्लॉगजगत से दूर हूँ
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,

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  5. वाह ! कितनी सुन्दर पंक्तियाँ हैं ... मन मोह लिया इस चित्र ने तो !

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  6. वाह... वर्षा जी बेहद खूबसूरत कविता , अंतर्मन को उद्देलित करती पंक्तियाँ, बधाई

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  7. वर्षा जी ,
    वाह...वाह .. बेहद खूबसूरत कविता

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  8. जुदाई के आलम का बखूबी चित्रण किया है आपने.

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  9. केवल राम जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें.

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  10. डॉ॰ मोनिका शर्मा जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  11. संजय भास्कर जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  12. सुषमा'आहुति' जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

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  13. कुश्वंश जी,
    मेरे गीत को पसंद करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद.
    अनुगृहीत हूं आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए...

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  14. रश्मि प्रभा जी,
    आपका स्नेह मेरे गीत को मिला..यह मेरा सौभाग्य है.
    आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  15. संजय कुमार चौरसिया जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें.

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  16. कुवंर कुसुमेश जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  17. संजय भास्कर जी,
    बदलते हुए मौसम में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए...
    आपके सदा स्वस्थ रहने की कामना करती हूं.

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  18. संजय भास्कर जी,
    पुनः हार्दिक धन्यवाद एवं आभार...

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  19. एक शास्वत प्रेम रचना के लिए नमन

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  20. Dil ke jajbato ko bakhubi piroya hai....... Bahut sundar...... Dhanywad

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  21. late se aaya | badhai |

    ravikar

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  22. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (02.07.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  23. बबन पांडेय जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

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  24. अविनाश मिश्र जी,
    हार्दिक धन्यवाद! कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  25. रविकर जी,
    हार्दिक धन्यवाद! मेरे ब्लॉग पर आपका हमेशा स्वागत है!

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  26. Er. सत्यम शिवम जी,
    आपने मेरे गीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है इस हेतु मैं आपकी आभारी हूं.
    आपके विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं.
    "चर्चा मंच" पर शनिवासरीय चर्चा में मेरे गीत को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार .

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  27. क्षमा जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......
    विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद.

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  28. रोशी जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  29. वाह!! बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति..आनन्द आया.

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  30. बहुत सुन्दर रचना...धन्यवाद

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  31. इस तरह से तेरी याद आयी ...
    बेहतरीन !

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  32. मन के उदगार , प्रियतम से विछोह के कारण उपजा असुरक्षा किस तरह घनीभूत होती है , इन पंक्तियों ने मन मोह लिया. आभार

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  33. समीर लाल जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  34. vershaji main pahali baar aapke blog main aai hoon
    aapki kavitaa bahut hi achchi lagi.virah vedanaa ko ujaager karati hui bahut hi sambedansheel rachanaa.chitra bhi bahut sunder lagayaa hai aapne.badhaai sweekaren.


    please visit my blog.thanks.

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  35. गाफिल जी,
    हार्दिक धन्यवाद! कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  36. वाणी गीत जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  37. आशीष जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    संवाद बनाए रखें.

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  38. प्रेरणा अर्गल जी,
    मेरे ब्लॉग्स में आपका स्वागत है.
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें.

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  39. खूबसूरत शब्दों में तन्हाई बयाँ की है ...

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  40. संगीता स्वरुप जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  41. पूर्व की भाँति अपूर्व .........
    कोमल भावों का सुन्दर श्रृंगारिक गीत
    चित्र का संयोजन ....बेमिसाल

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  42. हर तरफ फैली हुई तन्हाइयां और गहरी हो रहीं खामोशियां...
    क्या कहने, वाकई बहुत सुंदर के भाव के साथ लिखी गई ये रचना।

    आपको बहुत बहुत बधाई

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  43. badhai...iss khubsurat rachna ke lye..saath me chitra bhi pyari si lagate ho aap:)

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  44. हमेशा की तरह अद्भुत है आपका गीत वर्षा जी,
    आभार,
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

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  45. सुरेन्द्र सिंह झंझट जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......
    विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद.

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  46. mahendra srivastava ji,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक आभार ....विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.

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  47. Mukesh Kumar Sinha ji,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    मेरे ब्लॉग पर हमेशा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  48. Vivek Jain ji,
    मेरे गीत पर अपने विचार प्रकट करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  49. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ ज़बरदस्त रचना! हर एक पंक्तियाँ लाजवाब लगा! बधाई!

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  50. जहर सी जुदाई का आलम बेमिशाल है
    वर्षा जी, आपका यह एक अनुपम ही ख्याल है.
    क्या ही सुन्दर गीत और उसपर हुई ताल है.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,यह 'चाहत' का काल है.

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  51. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  52. उनकी यादें हो ... और जुदाई हो ... तब तो हर शै ज़हर लगती है ... चित्र के साथ लिखने की ये अदा लाजवाब है ..

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  53. बहुत भावपूर्ण और सुन्दर..अहसास मन को छू जाते हैं..

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  54. जर्नल पीडयाट -रिक्स में प्रकाशित एक ताज़ा अध्ययन के मुताबिक़ शहराती क्षेत्रों में रहने वाले तथा पद प्रतिष्ठा में समाज के निचले पायेदान पर खड़े परिवारों के बाल -गोपाल ही अकसर स्कूल पैदल या फिर साइकिल पर जातें हैं .इसका इन तबको के बच्चों की सेहत पर अच्छा प्रभाव भी पड़ता है ।
    अध्ययन में कनाडा में रहने वाले ६-१६ साला ७,००० बच्चों को शरीक किया गया था ,स्कूल में बिताई तमाम अवधि के दौरान इनका पूरा स्वास्थ्य सम्बन्धी ब्योरा जुटाया गया ,पता चला ६-१०साला बच्चे चलके या फिर साइकिल पे स्कूल जाने को यानी एक्टिव ट्रांसपोर्टेशन को वरीयता देतें हैं ,स्कूल बस ,कार और जन -परिवहन के ऊपर ये पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पसंद करतें हैं ।
    बच्चों की आदर्श बढ़वार केसन्दर्भ में यह एक महत्व -पूर्ण अध्ययन रहा है . क्योंकि अधिकाँश बच्चे शारीरिक श्रम और कसरत के पैमाने पर आदर्श स्थिति के अनुरूप नहीं चल रहें हैं ।
    अध्ययन में शामिल माहिरों के अनुसार एक्टिव ट्रांसपोर्टेशन बच्चों की दैनिकी को पर्याप्त हरकत और आवश्यक व्यायाम से भरने का सहज सरल और अनुकरणीय तरीका है . हींग लगे न फिटकरी रंग चौखा ही चौखा .हमने कल ही अपनी पोस्ट में कनाडा में जन परिवहन की सहज सुलभता का उल्लेख किया था .आबादी कम जन परिवहन के साधन ज्यादा ।
    फिर निम्न तबके के बच्चों के लिएतो एक्टिव ट्रांसपोर्टेशन यानी पैदल या साइकिल से स्कूल जाना , इसे अपनाना आसान भी है घर के पास के ही स्कूल में ये दाखिला लेतें हैं ।
    कारें इन परिवारों के बच्चों की पहुँच से बाहर रहतीं हैं ,निजी स्कूल का दायरा भी ,क्योंकि घर से दूर ये जा नहीं सकते .निजी स्कूल एक दम से आपके पड़ोस में होतें नहीं हैं .खासकर उन क्षेत्रों के जहां इस तबके की रिहाइश होती है ।
    अध्ययन के मुताबिक़ शहरी क्षेत्र के बच्चों द्वारा स्कूल पहुँचने में तय की गई दूरी औसतन ०.८ किलोमीटर थी जबकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए घर से स्कूल की यह दूरी औसतन १८.५ किलोमीटर थी .
    अध्ययन से पता चला दस सालसे ऊपर के बच्चे एक्टिव ट्रांस -पोर्टेशन से छिटकने लगतें हैं .
    इसकी एक वजह एलिमेंटरी स्कूल से मिडिल स्कूल में पदार्पण होता है .और ये स्कूल घर से दूर होतें हैं .अब बड़े बच्चों की देखा देखी ये जन परिवहन की और मुड़तें हैं ।
    माहिरों के अनुसार एक्टिव ट्रांस -पोर्टेशन का स्कोप इस स्थिति में भी मौजूद रहता है ज़रुरत इस स्थिति को बढ़ावा देने की है .प्रोत्साहित करने की है ।
    गत वर्ष संपन्न एक अधययन से निष्कर्ष निकाला गया -६-८ साला बच्चों ने तीन साल तक एक्टिव -ट्रांसपोर्टेशन अपना कर अपना बॉडी मॉस इंडेक्स कमतर बनाए रखा .बेशक सड़क सुरक्षा एक मुद्दा है लेकिन माँ -बाप इसमें मदद गार बनके कुछ दिन के लिए आगे आ सकतें हैं .नेक काम में देरी कैसी ?
    सन्दर्भ -सामिग्री :-
    http://thechart.blogs.cnn.com/2011/07/04/whos-walking-to-school/?hpt=he_क२
    हु इज वाकिंग तू स्कूल .?

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  55. किन्तु जाने किस डगर पर ,
    दिल गया ,
    जल गए दीपक उजाला मिल गया ,किन्तु जाने किस डगर पर दिल गया ।
    विरह का प्रगाढ़ होता भाव ।
    सांझ के ढलने के साथ।
    विरह ही तो श्रृंगार पक्ष का श्रृंगार है .

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  56. डॉ वर्षाजी ऊपर वाली टिपण्णी मेरा अगली (आगामी )पोस्ट का ड्राफ्ट था जो कल लगानी थी .गलती से प्रकाशित हो गया .माफ़ी चाहता हूँ .मेट देंवें इसे आप .

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  57. Glad to know that u r so concerned about water conservation also..

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  58. उर्मि जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

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  59. दिगम्बर नासवा जी,
    आपका स्नेह मेरे गीत को मिला..यह मेरा सौभाग्य है.
    आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  60. कैलाश जी,
    मेरे गीत पर अपने विचार प्रकट करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  61. राकेश कुमार जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......
    विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद.

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  62. उर्मि जी,
    आमंत्रण के लिए हार्दिक धन्यवाद.

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  63. वीरू भाई जी,
    सुन्दर विचार...

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  64. वीरू भाई जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद....

    उत्तर देंहटाएं
  65. नीलिमा गर्ग जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

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  66. Dekhiye us taraf Ujaalaa hai ,
    jis jagaah roshni nahin jaati .
    ujaale me raho ,ojaalaa failaao ,
    shubhkaamnaa hai .
    Transliteration is non -operative since morning .

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  67. वीरू भाई जी,
    फिर आने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  68. आप लोगों की पोस्ट इतनी सजी धजी होती हैं कि ब्लॉग पर से जाने का मन ही नहीं करता।
    बहुत अच्छी रचना।

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  69. बेहद खूबसूरत गीत.

    हाथ की मेंहंदी
    अभी छूटी नहीं
    आस की डोरी
    अभी टूटी नहीं
    सुर्ख चूड़ियों से कह रही कलाई.......

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  70. मनोज कुमार जी,
    आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  71. अरुण कुमार निगम जी,
    आगकी काव्यात्मक टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  72. "तुम्हारी याद आई"बहुत सुन्दर रचना है।भाव से भरी आपकी रचना के लिए मेरी ओर से शुभकामना.।

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  73. Varsha ji, maine pahle bhi aapke blogs padhe hain.. sach mein bahut anand aata hai aapke blogs padhke... bas kabhi aapko aapki lekhni ke liye congrats nahi kiya... bahut-bahut badhai aur vishesh aabhar humare blog par aakar mera haunsala badhane ke liye..

    anilavtaar.blogspot.com

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  74. शब्द चित्रित होते हुये और चित्र शाब्दिक सा लगता हुआ..

    बहुत रोचक...

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  75. राज शिवम जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद....

    उत्तर देंहटाएं
  76. अनिल अवतार जी,
    आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  77. अमित श्रीवास्तव जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

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  78. जुदाई का दर्द शब्दों में साकार कर दिया, चित्र भी खूबसूरत ।

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  79. भोर होते छा गई कैसी उदासी ,
    क्या किसी की याद आई ,ओ विरह व्याकुल प्रवासी .(प्रवासी के गीत -नीरज ).
    नै ग़ज़ल ,गीत ,कविता आवाहन करती है कवयित्री का आओ मुझे आशीषो .

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  80. गिरीश पंकज जी,
    आपके विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार .... कृपया इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

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  81. आशा जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  82. अनामिका जी,
    आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

    उत्तर देंहटाएं
  83. वीरू भाई जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  84. बहुत सुन्दर हमारे ब्लाँग मे भी आए

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  85. दीपक कुमार जी,
    हार्दिक धन्यवाद ....

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  86. वर्षा जी बहुत ही प्यारा गीत है बधाई |

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  87. भावों और शब्दों का सही ताल मेल...

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  88. जयकृष्ण राय तुषार जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपका सदा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  89. माहेश्वरी जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  90. virah bhav ko lakshay kar likhi gayi aap ki kavita sarahniy hai .badhai sundar lekhan hetu .

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  91. शिखा कौशिक जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक धन्यवाद..
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभारी हूं.

    उत्तर देंहटाएं
  92. nari mn ke sukoml slaune v mnohari antrbhav bdi niponta se piroye hai" bhut see barikyan foolon me hain aur bhut khushboo luta kr khush hain ve "
    bhuit 2 bdhaiyan swikar kren
    mere blog pr aap ne tippni kee haardik aabhar vykt krta hoon kripya swikar kr len
    aap ke sahity pr shodh ho skta hai ydi aap chahe to smprk kr len
    09868842688

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  93. डॉ वर्षा सिंह जी,
    नमस्कार,
    आपके ब्लॉग को http://cityjalalabad.blogspot.com/p/blog-page_7265.html के हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज पर लिंक किया जा रहा है|

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  94. वेदव्यथित जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

    उत्तर देंहटाएं
  95. वनीत नागपाल जी,
    मेरे ब्लॉग को http://cityjalalabad.blogspot.com/p/blog-page_7265.html के हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज पर लिंक के लिये हार्दिक धन्यवाद...

    उत्तर देंहटाएं
  96. रचना जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  97. एकाकीपन के मनोभावों का नाजुक सा चित्र खींचा है.छोटी पंक्तियों में तो आपको महारथ हासिल है.

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  98. सुन्दर कविता। एकाकीपन की व्यथा केवल आशा का दीप जला लेने पर और तीव्र हो जाती है। बहुत अच्छा। साधुवाद।

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  99. सपना निगम जी,
    आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  100. आचार्य परशुराम राय जी,
    आपके विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार .... कृपया इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

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  101. डॉ वर्षा सिंह जी, नमस्कार |
    आपकी कविता सार्थक संदेश दे जाती है।
    आपकी लेखनी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है! बहुत ही प्यारा गीत है बधाई

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  102. मदन शर्मा जी,
    आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  103. निशा महाराणा जी,
    आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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