शनिवार, अप्रैल 09, 2011

तुम्हारे बिन ......


109 टिप्‍पणियां:

  1. सुँदर शब्दों में सजी धजी मोहक अभिव्यक्ति . मन अह्वलादित हुआ .

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  2. "ये कभी होना न था
    लेकिन हुआ"

    बेहद प्यारी कविता.

    सादर

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  3. अद्भुत प्रेमगीत डॉ० वर्षा जी बधाई |आपकी अभिव्यक्ति और कहन का अंदाज निराला है |जैसे प्रेम की अभिव्यक्ति ने शरीर धारण कर लिया हो |शुभकामनाएं |

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  4. Aisahee hota hai,jab kisee ke birah se man udaas hota hai! Kitnee pyaree rachana hai!

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  5. बहुत सुन्दर भाव समन्वय्।

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  6. बहुत सुंदर.... प्रेम के कोमल भाव लिए मनमोहक अभिव्यक्ति....

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  7. आपकी रचनाओं के बारे में कुछ भी कहना बहुत मुश्किल होता है..निशब्द कर दिया आपकी इस रचना ने.
    आप जैसे से ही कुछ अच्छा लिखने की प्रेरणा मिलती है ! बहुत बहुत आभार

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  8. आशीष जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें....आपका सदा स्वागत है।

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  9. रश्मि प्रभा जी,
    आप जैसी सुकवयित्री की बहुमूल्य टिप्पणी ने मेरा उत्साह बढ़ाया...
    हार्दिक धन्यवाद!

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  10. यशवन्त माथुर जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  11. जयकृष्ण राय तुषार जी,
    आपकी आत्मीय टिप्पणी ने मुझे भावविभोर कर दिया है।
    क्या कहूं...
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.
    हार्दिक धन्यवाद.

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  12. क्षमा जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    आपके इस अनुग्रह के लिए आपका बहुत-बहुत आभार.

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  13. वन्दना जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  14. अनामिका जी,
    आपके विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं.
    कृपया इसी तरह संवाद बनाए रखें.

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  15. डॉ॰ मोनिका शर्मा जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

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  16. मदन शर्मा जी,
    और यह कह कर आपने मुझे निशब्द कर दिया.....
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.

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  17. क्या क्या तुम्हारे बिन हुआ ....भावमयी रचना ...खूबसूरती से लिखे एहसास ....पाखियों का उड़ जाना ..सुन्दर बिम्ब प्रयोग ...कुल मिला कर उदासी को भी सुन्दर बना कर पेश किया है :):)

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  18. संगीता स्वरुप जी,
    सुकवयित्री हैं आप. आपके विचार मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए.
    हार्दिक धन्यवाद.

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  19. वाह! बहुत सुन्दर कविता..........दिल को आनन्दित करती हुई पंक्तियाँ!

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  20. "bhor hote kaun jaane ,chhaa gai kaisi udaasi ,
    kyaa kisi kee yaad aai o virah -vyaakul pravaasi "
    virah kaa maanviykaran karti hai aapki kavitaa -
    "shaakh pe baithhe n paakhi ud gaye -
    ye kabhi honaa n thaa -
    lekin huaa ......"
    badhaai manohar lekhan ke liye .
    veerubhai .(neha sang bahnaa ko ).

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  21. प्रिय डा. वर्षा सिंह जी
    तुम्हारे बिन कविता मुझे बहुत ही पसंद आया | शब्दों के जोड़ घटाव के बाद आपने दिल को छु देनेवाली कविता की रचना किया है | धन्यवाद|
    डा. वर्षा सिंह जी अगर आपकी आज्ञा हो तो क्या मैं इस कविता को एक कल्चरल प्रोग्राम में लोगों को सुना सकता हूँ | चिंता नही कीजिये आपका नाम जरुर लूँगा | आपके उत्तर का इन्तेजार रहेगा |

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  22. दर्द की बड़ी प्यारी और कोमल सी-अभिव्यक्ति.
    "पिन" का प्रयोग तो कमाल कर गया.
    ग़ज़ब.

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  23. चुभ रहा शृगार मानो 'पिन' हुआ

    ये 'पिन' का प्रयोग बहुत ही जबर्दस्त रहा| एक शब्द ही सारी कहानी कह दे, यही तो विशेषता होती है उस शब्द विशेष की| और अच्छे रचनाकार / रचनाकारा की भी यही विशिष्टता होती है कि उन के पास ऐसे तमाम शब्दों का अकूत भंडार होता है जिसे वो मौका देख के चौका लगाने के लिए प्रयुक्त करते हैं|

    बहुत बहुत बधाई वर्षा जी| आशा है आगे भी ऐसे ही सुंदर सुंदर नवगीत पढ़ने का अवसर प्रदान करती रहेंगी|

    navincchaturvedi@gmail.com
    http://samasyapoorti.blogspot.com

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  24. 'साहिल'जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.
    विचारों से अवगत कराने के लिए.. हार्दिक धन्यवाद.

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  25. मनोज कुमार जी,
    बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  26. वीरु भाई जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरा यह गीत आपको पसन्द आया.
    बहुत-बहुत आभार......
    कृपया इसी तरह संवाद बनाए रखें.

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  27. आकाश सिंह जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    आपके इस अनुग्रह के लिए आपका बहुत-बहुत आभार.

    आपने मेरे इस गीत का किसी कल्चरल प्रोग्राम में पाठ करने के लिए मुझसे अनुमति चाही है। आपकी इस सहृदयता एवं सज्जनता के लिए आभारी हूं। मेरे नाम का उल्लेख करते हुए मेरी किसी भी रचना का उपयोग किए जाने में मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।

    मेरे ब्लॉग पर आपका हमेशा स्वागत है!

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  28. कुंवर कुसुमेश जी,
    आपके विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया....हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
    आपका सदा स्वागत है।

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  29. नवीन सी चतुर्वेदी जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक आभार.
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.

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  30. बहुत सुंदर चित्रण , कविता ने मन मोह लिया.

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  31. कोमल भावों की शानदार अभिव्यक्ति. मजबूरी से आहत अहसास
    'क्या कहें क्या क्या तुम्हारे बिन हुआ'
    मेरी पोस्ट 'वन्दे वाणी विनयाकौ' पर आपका बेसब्री से इंतजार है.कृपया निराश न कीजियेगा.

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  32. आपके शब्द बेहतरीन काव्य को रचते है, भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए बधाई

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  33. बहुत ही सुन्दर कविता है वर्षा जी.

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  34. कोमल भावों की शानदार अभिव्यक्ति|बहुत ही सुन्दर कविता|

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  35. डॉ० वर्षा जी बधाई

    ये कभी होना न था
    लेकिन हुआ"

    बेहद प्यारी कविता.

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  36. @क्या कहें क्या क्या तुम्हारे बिन हुआ
    बहुत सुन्दर भाव!

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  37. सुँदर शब्दों में सजी धजी मोहक अभिव्यक्ति . मन अह्वलादित हुआ .

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  38. आदरणीय डॉ० वर्षा जी बधाई
    नमस्कार !
    प्रेम के कोमल भाव लिए मनमोहक अभिव्यक्ति....

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  39. नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें !
    माँ दुर्गा आपकी सभी मंगल कामनाएं पूर्ण करें
    कई दिनों व्यस्त होने के कारण  ब्लॉग पर नहीं आ सका
    बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

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  40. वर्षा जी , बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति।

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  41. संगीता जैन जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया....
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें....आपका सदा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  42. रेखा श्रीवास्तव जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  43. राकेश कुमार जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  44. कुश्वंश जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.
    विचारों से अवगत कराने के लिए.. हार्दिक धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  45. वन्दना अवस्थी दुबे जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने और बहुमूल्य टिप्पणी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  46. ज्योति सिंह जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं।
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  47. Patali-The-Village,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  48. संजय कुमार चौरसिया जी,
    मेरे गीत पर अपने विचार प्रकट करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  49. अनुराग शर्मा जी,Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

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  50. दीप जी,
    मेरे गीत को पसन्द करने के लिए हार्दिक आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  51. संजय भास्कर जी,
    देर से सही, आपका आना सुखद लगा ...... हार्दिक धन्यवाद !

    आपको भी नवसंवत्सर एवं रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  52. डॉ॰ दिव्या श्रीवास्तव जी, ZEAL
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    आप जैसी सुधी ब्लॉगर की बहुमूल्य टिप्पणी का मेरे ब्लॉग पर हमेशा स्वागत है।

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  53. आज रामनवमी का आप सभी को हार्दिक बधाई |
    खासकर वर्षा सिंह जी का सत सत नमन जिन्होंने अपनी आज्ञा देकर मुझे कृतज्ञ कर दिया | आज ही मुझे इस कविता का वाचन करना है | बहुत बहुत धन्यवाद |
    एक अच्छी कविता के लिए यहाँ आयें |
    www.akashsingh307.blogspot.com

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  54. प्रेम राग में पगा हुआ आपका यह गीत मनभावन है. मेरी बधाई स्वीकारें.

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  55. सुंदर रचना के लिए बधाई.
    आपके ब्लॉग पर आना सफ़ल हुआ.
    आपको रामनवमी की शुभकामनाएँ.

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  56. "ये कभी होना न था
    लेकिन हुआ"
    आप जैसे से ही कुछ अच्छा लिखने की प्रेरणा मिलती है बहुत सुंदर

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  57. आकाश सिंह जी,
    आशा है कि कविता-पाठ अच्छा रहा होगा.

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  58. अबनीश सिंह चौहान जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

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  59. देवेन्द्र पाण्डेय जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  60. विरेन्द्र सिंह चौहान जी,
    मेरे गीत पर अपने विचार प्रकट करने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  61. अरीबा जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  62. सुमन जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं।
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  63. वाह ...बहुत खूब कहा है आपने इन पंक्तियों में ...।

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  64. मन को मोहती बेहद स्नेहिल भावों से परिपूर्ण रचना.आभार !

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  65. आपकी प्रशंसा के लिए मेरे पास कोई विशेषण नही है।अति सुंदर।

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  66. चुभ रहा श्रृगार , मानो पिन हुआ...यहीं अटक गया.

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  67. वर्षा जी, ग़ज़ल के साथ-साथ गीत-नवगीत विधा मे भी काफी मनमोहक ओर शानदार रचनाएँ है आपकी. समय निकल कर सारे पोस्ट्स को पढ़े बिना मन तृप्त नही होगा.

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  68. आप मेरे ब्लॉग पर आयीं इसके लिए बहुत बहुत आभार आपका.
    एक बार फिर आपको राम-जन्म का बुलावा है .
    राम-जन्म-आध्यात्मिक चिंतन-१ मेरी नई पोस्ट है.
    आशा है आप जरूर आयेंगीं.

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  69. सदा जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.....मेरे ब्लॉग पर आपका हमेशा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  70. निवेदिता जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  71. प्रेम सरोवर जी,
    आपकी आत्मीय टिप्पणी ने मुझे भावविभोर कर दिया है।
    क्या कहूं...
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी.
    हार्दिक धन्यवाद.

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  72. धीरेन्द्र सिंह जी,
    आपने तो मुझे निरुत्तरित ही कर दिया......
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं।
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  73. केशवेन्द्र जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.
    मेरे ब्लॉग पर सदैव आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  74. राकेश कुमार जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !
    मेरे ब्लॉग पर आपके विचारों का हमेशा स्वागत है।
    कृपया यह भी बताने का कष्ट करें कि आपको मेरा यह गीत कैसा लगा ?

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  75. आखिरी लाइन दिल को छू गयी ...आप अपने प्रयास में कामयाब रही हैं ! हार्दिक शुभकामनायें प्यारी रचना के लिए !

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  76. सतीश सक्सेना जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
    आपके विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं.कृपया इसी तरह संवाद बनाए रखें.
    .

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  77. प्रेम की गहन अभिव्यक्ति... रात का गहराना , सुबह का गुम हो जाना.. अच्छा विम्ब है... बढ़िया कविता.

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  78. प्रेममयी रचना बहुत सुन्दरता से आपने भावो को अभिव्यक्त किया है .....आपका आभार

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  79. अरुण चन्द्र रॉय जी,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.

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  80. केवल राम जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया। आपको बहुत बहुत धन्यवाद !

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  81. 'चुभ रहा श्रृंगार

    मानो पिन हुआ |'

    ***********************

    कोमल प्रेम भावों में डूबा सुन्दर नवगीत ...

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  82. देवेन्द्र जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !
    मेरे ब्लॉग पर आपके विचारों का हमेशा स्वागत है।

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  83. सुरेन्द्र सिंह " झंझट " जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  84. रामपती जी, (मेरे भाव)
    आपका आना सुखद लगा।
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.
    मेरे ब्लॉग पर सदैव आपका स्वागत है।

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  85. बहुत खूब .. जीवन में अक्सर बहुत कुछ ऐसा होता है तो होना नही होता ... शायद यही जीवन है .. अच्छी रचना है ...

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  86. दिगम्बर नासवा जी,
    मेरे गीत पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
    आपके विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं.
    कृपया इसी तरह संवाद बनाए रखें.

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  87. अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

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  88. ज़ाकिर अली ‘रजनीश’जी,
    आप जैसे चिन्तक के विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं....
    अपने विचारों से अवगत कराने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  89. सारा सच,
    अत्यन्त आभारी हूं आपकी......विचारों से अवगत कराने के लिए. हार्दिक धन्यवाद.

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  90. मनोज कुमार जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !
    मेरे ब्लॉग पर आपके विचारों का हमेशा स्वागत है।

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  91. कुंवर कुसुमेश जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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  92. वीना जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

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