सावन का ये महीना ।
मुश्किल हुआ है जीना ।
ये बारिशों का मौसम ,
लागे कहीं भी जी ना ।
- डॉ वर्षा सिंह
सोमवार, जुलाई 31, 2017
बुधवार, जुलाई 19, 2017
मंगलवार, जुलाई 18, 2017
भूल गये गांव.....
शहरी हंगामें में भूल गये गांव।
पनघट, चौबारे और पीपल की छांव।
बात-बात बिछती शतरंजी बिसात,
क़दम-क़दम चालें है, क़दम- क़दम दांव ।
🍀 - डॉ वर्षा सिंह
Sagar Rahgiri
Organized by Dainik Bhaskar News paper & Rajguru Social Group, Sagar
Cheif Guest Me Dr Varsha Singh.
सोमवार, जुलाई 17, 2017
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