शुक्रवार, अक्टूबर 25, 2019

धनवन्तरी की अर्चना.... धनतेरस पर हार्दिक शुभकामनाएं - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh


धनतेरस दिनांक 25.10.2019 पर विशेष
धनवन्तरी की अर्चना

                 - डॉ. वर्षा सिंह

रश्मि की मंजुल कलाएं, ज्योति के त्यौहार में जगमगाती तारिकाएं, ज्योति के त्यौहार में 

स्वास्थ्य-सुख की कामना,  धनवन्तरी की अर्चना
आरती करती दिशाएं, ज्योति के त्यौहार में 

दीप माटी के सजे, फिर आ रही दीपावली
गूंजती पावन ऋचाएं, ज्योति के त्यौहार में 

प्रकृति का श्रंगार, स्वर्णिम हार, नख-शिख आभरण
मुग्ध बेसुध व्यंजनाएं, ज्योति के त्यौहार में 

हासमय उल्लास, कातिक मास, मंगल कामना
नेह सिंचित भावनाएं, ज्योति के त्यौहार में 

धूप, अक्षत, पान, सुख का गान, आंगन-द्वार पर
इंद्रधनुषी अल्पनाएं, ज्योति के त्यौहार में

रूप की "वर्षा", नई आशा, नए संकल्प से
झूमती नव वर्तिकाएं, ज्योति के त्यौहार में
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       मेरी इस ग़ज़ल को धनतेरस के अवसर पर web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 25 अक्टूबर 2019 में स्थान मिला है।
        युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
       मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=20746





बुधवार, अक्टूबर 16, 2019

करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं - डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

करवा चौथ दिनांक 17.10.2019 पर विशेष

सुहागिन बहनों के प्रति शुभकामना

                  - डॉ. वर्षा सिंह

दे  रहा  मन  हो  विह्वल, शुभकामना।
नित खिले सुख का कमल, शुभकामना।

दिन  वसंती  हों, निशा  हेमंतिनी 
सांझ  बरसे  नेह-जल, शुभकामना।

आज के  सपने  सभी साकार हों
और बिखरे हास कल, शुभकामना।

हर्ष  की, उल्लास की  गाथा  गढ़े 
आयु का हर एक पल, शुभकामना।

इंद्रधनुषी  अल्पनाओं  से सजे 
कल्पनाओं  का महल, शुभकामना।

तुम  जहां  हो रोशनी भी हो वहां 
दे  रही  आंखें  सजल, शुभकामना।

भावनाओं के शिखर को चूम कर 
कह रही है यह ग़ज़ल, शुभकामना।

सिर्फ़  छूने  से बने  अमृत कलश 
हर निराशा  का गरल, शुभकामना।

मन की अभिलाषा सदा साकार हो
हर कदम पर हों सफल, शुभकामना।

ज्योत्सना बिखरे सदा सुख शांति की 
है  यही  निर्मल- धवल, शुभकामना।

मांग में  सौभाग्य  की  दें  लालिमा
चंद्र की  किरणें  चपल, शुभकामना।

नित्य "वर्षा"  हो  सरस आल्हाद की 
पल्लवित हो नित नवल, शुभकामना।

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 करवा चौथ पर्व के अवसर पर सृजित मेरी इस ग़ज़ल को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 17 अक्टूबर 2019 में स्थान मिला है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=20272

करवा चौथ की काव्यात्मक शुभकामनाएं - डॉ. वर्षा सिंह

मंगलवार, अक्टूबर 08, 2019

🚩विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🚩- डॉ. वर्षा सिंह


          बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के महापर्व विजयादशमी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌺🙏

                    🚩🔴🌺🙏🌺🔴🚩
        शारदीय नवरात्रि के नौ दिन दुर्गा पूजा के उपरांत दसवें दिन मनाई जाने वाली विजयादशमी अभिमान,अत्याचार एवं बुराई पर सत्य,धर्म और अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
दशहरा दस पापों को हरनेवाला, दस शक्तियों को विकसित करनेवाला, दसों दिशाओं में मंगल करनेवाला और दस प्रकार की विजय देनेवाला पर्व है, इसलिए इसे ‘विजयादशमी’ भी कहते हैं ।

विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं - डॉ. वर्षा सिंह

      विजयादशमी को जीत का पर्व भी कहते हैं। रावण से जीतने हेतु श्रीराम ने भगवती दुर्गा की 9 दिन आराधना की थी और उनके आशीर्वाद से दसवें दिन रावण का वध किया था, इसलिये इसे विजयादशमी के रूप में मनाते हैं।
                      🚩🔴🌺🙏🌺🔴🚩
       जब जब संसार मे असत्य अन्याय होता है तब तब कोई दैवीय शक्ति असत्य व अन्याय का अंत करती है। रावण अन्यायकारी था व श्रीरामजी मानवता कल्याणप्रिय थे। इनके युद्ध में श्रीराम जी की जीत हुई। यानी विजयादशमी प्रतीक है अन्याय पर न्याय की जीत का।
                      🚩🔴🌺🙏🌺🔴🚩
 #विजयादशमी
#VijayaDashami

रविवार, सितंबर 29, 2019

मैं और मेरे ग़ज़ल संग्रह

यूं तो पिछले अनेक वर्ष से मैं यानी इस ब्लॉग की लेखिका डॉ. वर्षा सिंह हिंदी गजल लिख रही हूं। अभी तक मेरे 5 गजल संग्रह और हिन्दी ग़ज़ल की आलोचना पर एक पुस्तक प्रकाशित भी हो चुकी है , किंतु आजीविका की व्यस्तता के चलते नये संग्रह के प्रकाशन में व्यवधान आता रहा है। लेकिन लेखन ज़ारी रहा। सोशल मीडिया पर भी सतत रूप से मैं अपनी गजलों देती रही हूं। पत्र- पत्रिकाओं में लिखती, प्रकाशित होती रहती हूं। उम्मीद हूं कि मेरा नया ग़ज़ल संग्रह शीघ्र ही प्रकाशित हो सकेगा। 😊

मेरे प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह  -
सर्वहारा के लिए
                    वक़्त पढ़ रहा है
                    हम जहां पर हैं
                    सच तो ये है
                    दिल बंजारा

     
आलोचना पुस्तक  - हिन्दी ग़ज़ल : दशा और दिशा



ग़ज़ल संग्रह ... सर्वहारा के लिए - डॉ. वर्षा सिंह


ग़ज़ल संग्रह ... वक़्त पढ़ रहा है - डॉ. वर्षा सिंह

ग़ज़ल संग्रह ... हम जहां पर हैं - डॉ. वर्षा सिंह

ग़ज़ल संग्रह ... सच तो ये है - डॉ. वर्षा सिंह

ग़ज़ल संग्रह ... दिल बंजारा - डॉ. वर्षा सिंह
आलोचना... हिन्दी ग़ज़ल : दशा और दिशा



शनिवार, सितंबर 14, 2019

🌺 हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🌺

डॉ. वर्षा सिंह


हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि एक ऐसी संस्कृति है जिसने हिंदुस्तान को विश्व में नई पहचान दिलाई है। इसलिए सभी को एकजुट होकर हमारे मान स्वाभिमान की भाषा हिंदी को नए आयाम तक पहुंचाना होगा।
 जय हिंदी ! जय भारत !


सोमवार, सितंबर 02, 2019

🚩 गणेश चतुर्थी की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं 🚩


🚩आज दिनांक 02 सितम्बर 2019 को गणेश चतुर्थी यानी हिंदू कैलेन्डर के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, साथ ही आज से प्रारंभ होगा अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाने वाला दस दिवसीय गणेशोत्सव....
  तो आइए, लोककल्याण की पावन भावना के साथ हम सभी विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता, प्रथम पूज्य गणपति बाप्पा बुद्धि एवं समृद्धि के आराध्य देव भगवान श्री गणेश का स्मरण, ध्यान, पूजन, अर्चन करें ...

🚩ॐ गंगणपतये नमो नम:
श्री सिध्धीविनायक नमो नम:
अष्टविनायक नमो नम:
गणपती बाप्पा मोरया 🚩


         🚩भगवान गणेश के बारह नामों का यह पाठ संकटनाशक स्तोत्र के नाम से भी जाना जाता है। इस मंत्र स्तोत्र में भगवान गणेश के बारह नामों का स्मरण किया गया है  - 
🚩 प्रणम्यं शिरसां देवं गौरीपुत्र विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेन्नित्मायु: कामार्थसिद्धये।।
🚩 प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदतं द्वितीयकंम्।
तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।
🚩 लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च।
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम्।।
🚩 नवमं भालचद्रं च दशमं तु विनायकम।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननमं।।
🚩 द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यं पठेन्नर:।
न च विघ्रभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो।।
🚩 विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनं।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम।।
🚩 जपेद्गणपतिस्तोत्रम षड्भिर्मासै: फलं लभेत।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय:।।
🚩 अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्य लिखित्वा य: समर्पयेत।
तस्य विद्याभवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।। 🚩