फूल खिले तो बिखरे ख़ुशबू
बिना किसी भी बंधन के,
रहे न दिल में कभी निराशा
उम्मीदों का डेरा हो ।
- डॉ वर्षा सिंह
सोमवार, फ़रवरी 12, 2018
फूल खिले तो
Khwab adhura rahe na koi
इसीलिये सूरज डूबा है
कल फिर नया सबेरा हो ।
ख़्वाब अधूरा रहे न कोई
तेरा हो या मेरा हो ।
- डॉ. वर्षा सिंह
सोमवार, फ़रवरी 05, 2018
बाबूराव पिंपलापुरे स्मृति व्याख्यानमाला 2018
बाबूराव पिंपलापुरे स्मृति व्याख्यानमाला के बारहवें आयोजन में "भारतीय विचार और हम" विषय पर सांसद एवं पूर्व राजदूत श्री पवन वर्मा ने अपने विचार साझा किए। जिसमें मैं डॉ. वर्षा सिंह एवं डॉ. (सुश्री) शरद सिंह शामिल हुए। व्याख्यान माला में भारतीय कला संस्कृति से जुड़े प्रख्यात विद्वानों को आमंत्रित कर उनके विचार रखे गए और उनसे संवाद भी हुआ।
स्थान था रवींद्र भवन, सागर, म.प्र.
तस्वीरें उसी अवसर की...
#PavanK_Varma
#Baburao_Pimplapure
शनिवार, जनवरी 20, 2018
इसकी, उसकी, सबकी "वर्षा", एक कहानी है
हमें मांगना और छीनना,
नहीं गंवारा है
इस दुनिया से अपनी दुनिया
हमें चुरानी है
जिसने भी अंगारे छूये,
उसका हाथ जला
इसकी, उसकी, सबकी "वर्षा",
एक कहानी है
- डॉ. वर्षा सिंह
सोमवार, जनवरी 15, 2018
CONGRATULATIONS to Dr. (Miss) Sharad Singh Awarded by Rameshwar Guru Best Editor Award
CONGRATULATIONS Sharad
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के आगामी आयोजन की रूपरेखा तय करने के लिए कल दिनांक 13.01.2018 को सागर में मध्यप्रदेश में आयोजित समाज की बैठक में मैं यानीे डॉ वर्षा सिंह और बहन डॉ (सुश्री) शरद सिंह शामिल हुए। तस्वीरें एवं समाचार उसी अवसर के....