फूल ख़िले तो ख़ुशबू आई
साथ पुरानी यादें लाई
मिल जुल कर नापा करते थे
इश्क़ में है कितनी गहराई
- डॉ वर्षा सिंह
शुक्रवार, मई 12, 2017
फूल खिले तो ..।।.
रविवार, मई 07, 2017
नयन में उमड़ा जलद है
प्रिय मित्रों,
❤. मेरी ग़ज़ल के कुछ शेर भी देखें...।❤
नयन में उमड़ा जलद है
नम व्यथा का भी वृहद है
वक्त की हर इक सभा में
दर्द ही बस नामज़द है
नींद को कैसे मनाएं
स्वप्न की खोई सनद है
त्रासदी 'वर्षा' कहें क्या
शत्रु अब तो मेघ ख़ुद है
सोमवार, मई 01, 2017
International Labour's Day
प्रिय मित्रों,
मज़दूर दिवस है आज...
अपनी इन दो पंक्तियों पर आपका ध्यान चाहूंगी...
ये गगनचुंबी भवन जिसने बनाए हैं यहां
घूमता बेघर वही मज़दूर, किससे क्या कहें..!
Today 01 May 2017 On International Labour's Day ....
We salute the efforts of millions of workers who build the nation.Their tireless efforts make the place worth living. However they livies mostly in Jhuggi Jhopadi ... In Footpaths... In damaged shelters...
#InternationalLabourDay
#मजदूर_दिवस
गुरुवार, अप्रैल 13, 2017
गुरुवार, अप्रैल 06, 2017
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