रविवार, मई 14, 2017

मां HAPPY MOTHER'S DAY

मां

नेह भरा वातायन देती
मां सारे स्वर-व्यंजन देती
जीने का रस्ता दिखलाती
संस्कार का कंचन देती
मां महकाती जीवन पथ को
आशीषों  का  गुलशन देती
मां की ममता अमृत जैसी
हर पल नूतन जीवन देती
कैसा भी हो दौर समय का
मां हरदम अपनापन देती
'वर्षा' मां को नमन कर रही
मां ममता का चन्दन देती
         - डॉ वर्षा सिंह

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (16-05-2017) को
    टेलीफोन की जुबानी, शीला, रूपा उर्फ रामूड़ी की कहानी; चर्चामंच 2632
    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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