शुक्रवार, फ़रवरी 25, 2011

इन दिनों तनहाइयां.....


85 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही उतम रचना........."काश कोई ये बताये...क्या हुआ ये?".....बहुत सुंदर।

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  2. 'चाहतें मीठी चुभन लाने लगी हैं '

    कोमल भावों का सुन्दर , प्रेमरससिक्त गीत

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  3. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (26.02.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  4. प्रेमानुभूति से लबरेज़ बहुत बढ़िया गीत है.

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  5. कविता पाठके के मन को छू लेती है और कवयित्री की सामर्थ्‍य और कलात्‍मक शक्ति से परिचय कराती है।

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  6. Er. सत्यम शिवम जी,
    मेरी रचना को पसन्द करने के लिए आभारी हूं।
    मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद!

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  7. सुरेन्द्र सिंह " झंझट " जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए आभारी हूं.

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  8. कुंवर कुसुमेश जी,
    बहुत बहुत धन्यवाद।
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

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  9. मनोज कुमार जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए आभारी हूं.
    आपको हार्दिक धन्यवाद!

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  10. अवनीश सिंह चौहान जी,
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है .
    मेरे ब्लॉग से जुड़ने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  11. वर्षा जी बधाई इस सुंदर से प्यारे से गीत के लिए मौसम ही ऐसा है |कैलाश गौतम जी का एक दोहा है ..लगे फूंकने आम के बौर गुलाबी शंख
    कैसे रहें किताब में हम मयूर के पंख |

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  12. मन को छू गई...
    उम्दा प्रस्तुति ...
    बधाई!

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  13. बहुत सुन्दर विचार युक्त कविता है |
    बधाई..

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  14. प्रेमसरित में डूब कर, निकला है यह गीत,
    इसी तरह लिखती रहें, बाँटें नित नवनीत.
    छंद-रूचि है अब कहाँ, बेतुक वाला दौर.
    लेकिन वर्षा है अलग, बात है इसकी और..
    'वर्षा' के संग 'शरद' का, बना रहे यह साथ.
    धूम मचे साहित्य में, नाम रहे दिन-रात.
    सुन्दर गीत के लिए बधाई...

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  15. सुन्दर ख्वाब सजाती बेहतरीन रचना !

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  16. ख़्वाब भी कुछ
    अजनबी से लग रहे हैं
    चांदनी की
    चाशनी में पग रहे हैं.

    बहुत ही मीठी सी अभिव्यक्ति के लिए आभार.

    आपकी कलम निरंतर नवीन आयाम प्रस्तुत कर रही है.
    ढेरों शुभ कामनाएं.

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  17. जयकृष्ण राय तुषार जी,
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है! आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा.
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

    उत्तर देंहटाएं
  18. डॉ.हरदीप संधु जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आपको धन्यवाद...
    आपके विचारों का मेरे ब्लॉग्स पर सदा स्वागत है।

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  19. ओम कश्यप जी,
    हार्दिक धन्यवाद!

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  20. गिरीश पंकज जी,
    मैं आपको धन्यवाद भर कहूं तो कम होगा.....बेहद आभारी हूं.
    आपके विचारों का सदा स्वागत है।

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  21. पी.सी.गोदियाल "परचेत"जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद!

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  22. sagebob,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक आभार...
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  23. ."काश कोई ये बताये...क्या हुआ ये?".....बहुत सुंदर।

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  24. चाँद की चांदनी में पग रहे है ... बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति खुबसूरत अहसासों की अच्छी लगी , बधाई

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  25. उदगार जी,
    मेरी रचना को पसन्द किया आभारी हूं।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है! आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  26. सुनील कुमार जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद!
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  27. वर्षा जी ,
    बहुत लुभावनी चांदनी सी लगी आपकी कविता .बधाई .

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  28. बहुत मन भावन रचना ..फूल का सिराहने रखना ...गज़ब की रचना है ...

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  29. निवेदिता जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए आभारी हूं.
    हार्दिक धन्यवाद!

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  30. संगीता स्वरुप जी,
    हार्दिक धन्यवाद!
    आपका अपनत्व मुझे हमेशा भावविभोर करता है।
    आपकी बेहद आभारी हूं.

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  31. आदरणीय वर्षा जी
    नमस्कार !
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति खुबसूरत अहसासों की अच्छी लगी , बधाई

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  32. कुछ दिनों से बाहर होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका
    माफ़ी चाहता हूँ

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  33. मधुर भाव।
    कौन बता सकता है, ये क्या है?

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  34. संजय भास्कर जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद!

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  35. संजय (मो सम कौन ?) जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद।
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।

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  36. बहुत ही सुन्दर एवं कोमल भावनाओं से रची बसी आपकी यह रचना मन को छू गयी ! अति सुन्दर ! बधाई एवं शुभकामनायें !

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  37. साधना वैद्य जी,
    आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा...
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराती रहें।

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  38. मिलन की आस लिए हुए अच्छी कविता है.
    ---पूनम माथुर

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  39. तनहाइयों के उत्कीर्ण आयाम बड़े ही कोमल हैं, जिसमें संयोग की सुरभि सन्निविष्ट है। साधुवाद।

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  40. ज्योति सिंह जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार....
    आपके विचारों का मेरे ब्लॉग्स पर सदा स्वागत है।

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  41. पूनम माथुर जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  42. परशुराम राय जी,
    हार्दिक धन्यवाद! सम्वाद क़ायम रखें।

    उत्तर देंहटाएं
  43. शिवेंद्र सिन्हा जी,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए आपका शुक्रिया.
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!
    अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  44. अमित-निवेदिता जी,
    आपको बहुत बहुत धन्यवाद!

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  45. Manpreet Kaur ,
    Thanks for your valuable comments.
    I'm going to visit your Blog Lyrics Mantra, just now.

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  46. मृदुला प्रधान जी,
    धन्यवाद!
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराती रहें।

    उत्तर देंहटाएं
  47. सुमन जी,
    हार्दिक धन्यवाद!

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  48. मन की कोमल भावनाओं का
    बहुत ही सुन्दर गीतात्मक वर्णन ...
    श्रृंगार रस का महत्त्व दर्शाती हुई
    अनुपम कृति .

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  49. दानिश जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है
    आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए।

    उत्तर देंहटाएं
  50. कल "शनिवासरीय चर्चा" में आपके ब्लाग की "स्पेशल काव्यमयी चर्चा" की जा रही है...आप आये और अपने सुंदर पोस्टों की सुंदर काव्यमयी चर्चा देखे और अपने सुझावों से अवगत कराये......at http://charchamanch.blogspot.com/
    (5.03.2011)

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  51. Er. सत्यम शिवम जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...
    कल का बेसब्री से इंतिज़ार है.

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  52. सुनील कुमार जी,
    आपका स्वागत है। मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए आपका आभार...
    कृपया अपने अमूल्य विचारों से भी अवगत कराते रहें।

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  53. वर्षा जी हर प्रेमी मन की भावनाओं को भाषा देता बहुत ही सुन्दर गीत........बधाई स्वीकारें।
    रचनाकार पर आकर मेरी कविता पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  54. अजनबी ख्वाबों और चाँद की चाँदनी में निखरी हु आपकी रचना बहुत सुन्दर है!
    एक निवेदनः
    क्या आप चर्चा मंच के चर्चाकार के रूप में सप्ताह में एक दिन चर्चा करना पसंद करेंगी!
    --
    आपका ई-मेल बहुत खोजा मगर नहीं मिल पाया! इसलिए यहीं पर आपको निमन्त्रण देने चला आया!
    मेरा ई-मेल है-
    roopchandrashastri@gmail.com
    मो.- 09368499921, 09997996437

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  55. अरे !
    आप तो फोटोशॉप की भी अच्छी जानकार हैं।
    सभी पोस्ट चित्र और फ्रेम में लगाई हैं आपने तो!
    जो बहुत आकर्षक लग रहीं हैं!

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  56. मालिनी गौतम जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  57. हरकीरत ' हीर' जी,
    आपका स्वागत है।
    कृपया इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराती रहें।
    हार्दिक धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  58. बहुत ही खूबसूरत शब्‍द ...बधाई इस बेहतरीन अभिव्‍यक्ति के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  59. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी,
    आपके अनुग्रहपूर्ण निमन्त्रण के लिए हृदय से आभारी हूं...जीवन की कतिपय व्यस्तताओं के चलते फिलहाल इस दायित्व का निर्वहन करना मेरे लिए कठिन है...
    आपकी इस आत्मीयता की मैं सदा अनुगृहीत रहूंगी.
    सादर नमन !

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  60. सदा जी,
    आपने मेरे गीत को पसन्द किया... आभारी हूं।
    हार्दिक धन्यवाद!

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  61. ख़्वाब भी कुछ
    अजनबी से लग रहे हैं
    चांदनी की
    चाशनी में पग रहे हैं...

    बहुत ही सुन्दर रचना जो मन को छू गयी
    आप बेहतरीन लिखती हैं
    रचना प्रस्तुति का अदाज भी भा गया
    बधाई व आभार

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  62. वर्षा जी बधाई
    मन की कोमल भावनाओं से लबरेज़
    सुन्दर गीत के लिए

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  63. kaash koi ye bataye kya hua ye?

    accha lagi apki rachna

    shukriya

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  64. कोई होले से दिल को छु के गुज़र जाए तो ऐसा ही होता है ....
    बहुत लाजवाब लिखा है ..

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  65. शुभम जैन जी,
    आपका स्वागत है।
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए....आपका आभार...
    प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  66. क्रिएटिव मंच-Creative Manch,
    Welcome in my Blog.
    Hearty Thanks for your valuable comments.

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  67. अनुराग शर्मा जी,Smart Indian
    आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा.
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आपको धन्यवाद...

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  68. देवेन्द्र पाण्डेय जी,
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!
    इसी तरह अपने अमूल्य विचारों से अवगत कराते रहें।

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  69. कुश्वंश जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  70. Vijay maudgill Ji,
    Thank you for visiting my blog!
    and Hearty Thanks for your valuable comments.

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  71. दिगम्बर नासवा जी,
    मेरे गीत पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    आपके विचारों का मेरे ब्लॉग्स पर सदा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  72. कुश्वंश जी,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए हार्दिक धन्यवाद!
    आपका स्वागत है!

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  73. waah...varsha ji bahut sundar abhibaykti...badhai...

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  74. आरती जी,
    यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आपको मेरा गीत पसन्द आया।
    आप स्वयं एक अच्छी कवयित्री हैं....आपकी इस आत्मीयता के लिए हार्दिक धन्यवाद !

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