सोमवार, जनवरी 31, 2011

वासंती रातों में....


41 टिप्‍पणियां:

  1. सुबह अलबेली है
    शाम भी अकेली है

    मौसमों से कभी कीजिये

    दिल भर बातें ।

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  2. क्या बात है ..बहुत सुन्दर लिखा है..
    वंदना की वर्षा में
    अर्चना की भाषा है
    कर रही हवाए भी
    बंदगी की बातें |

    उम्दा .. वर्षा जी .. सादर अभिनन्दन

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  3. विविध भावों से ओत प्रोत रचना

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  4. बहुत ही सुन्दर प्रवाहमयी प्रस्तुति..गुनगुनाने को मजबूर कार देती है

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  5. 'vandna ki varsha me
    archna ki bhasha me
    kar rahi hawayen bhi
    bandgi ki baaten '
    bahut sundar rachna.

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  6. ✻अनुपम अग्रवाल जी
    ✻डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति जी
    ✻केवल राम जी
    ✻कैलाश शर्मा जी
    ✻सुरेन्द्र सिंह " झंझट "जी
    ✻क्षमा जी
    आप सभी पाठकों और शुभचिंतकों को मेरा उत्साह बढ़ाने के लिए धन्यवाद !

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  7. वंदना की वर्षा में
    अर्चना की भाषा है
    कर रही हवाए भी
    बंदगी की बातें |
    bahut sundar likha hai .uttam .

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  8. ज्योति सिंह जी, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  9. बहुत उम्दा.
    मतला बहुत ही बढ़िया.
    मक्ता भी आला.
    आप की कलम को शुभ कामनाएं

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  10. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार ०५.०२.२०११ को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  11. Sagebob ji,Thanks for your comments.सम्वाद क़ायम रखें।

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  12. सत्यम शिवम जी, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद... चर्चा मंच में शामिल करने के लिए |

    इस उत्साहवर्द्धन के लिए आभारी हूं.

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  13. वासंती महक लिए हुए सुन्दर रचना.

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  14. बहुत ही खुबसूरत बात चंद शब्दों मै ही कह डाली आपने दोस्त !

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  15. बहुत अच्छा लिखती हैं ....आपको बधाई.

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  16. बन्दगी की ही है सारी बातें .....
    बधाई ।

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  17. बहुत ही बढ़िया और गुनगुनाने लायक कविता.

    सादर

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  18. बहुत खूबसूरत सन्देश देती रचना ...

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  19. उम्दा बंदगी की बातें हैं -

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  20. उम्दा प्रस्तुति ... सच है हर किसी से प्रेम से मिलना चाहिए ... यही जीवन है ...

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  21. बहुत ही सुन्दर सन्देश के साथ एक भावपूर्ण रचना !
    वंदना की वर्षा में
    अर्चना की भाषा है
    कर रही हवाए भी
    बंदगी की बातें |
    बहुत खूबसूरत अलफ़ाज़ हैं ! बधाई एवं शुभकामनायें !

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  22. @ कुंवर कुसुमेश जी
    @ मीनाक्षी पंत जी
    @ अमृता तन्मय जी
    @ निवेदिता जी
    @ मृदुला प्रधान जी
    @ वन्दना जी
    @ यशवन्त माथुर जी
    @ संगीता स्वरुप जी
    @ अनुपमा जी
    @ दिगम्बर नासवा जी
    @ साधना वैद्य जी

    मेरे ब्लॉग पर आप सभी का स्वागत है!
    आप सभी को शुभकामनाओं और प्रोत्साहन के लिये बहुत बहुत धन्यवाद.

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  23. क्या बात है ..बहुत सुन्दर बहुत ही बढ़िया और गुनगुनाने लायक कविता लिखा है..
    वंदना की वर्षा में
    अर्चना की भाषा है
    कर रही हवाए भी
    बंदगी की बातें |

    उम्दा .. वर्षा जी .. सादर अभिनन्दन

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  24. मदन शर्मा जी ,मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है ...
    विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  25. बहुत ही सुंदर भाव और रचना ....
    अनुशरण भी किया

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  26. सुश्री वर्षा जी!
    नमस्कार!
    पत्र-प्रत्रिकाओं और मंचों के माध्यम से आपको पढ़ा-सुना था। आज आपकी रचनाओं को ब्लाग पर पढ़कर सुखद अनुभूति हुई। मनुष्य ज्यों- ज्यों प्रकृति से दूर होता जा रहा है, अपनी जड़ों से कटता जा रहा है। पुराने कवि प्रकृति के अधिक निकट रहे थे। इसलिए ही उनके काव्य में ऋतु -वर्णन प्रमुखता से आता रहा है। आपने बसंत पर रचना करके उसे और जीवन्त बना दिया। षड-ऋतुओं में एक "वर्षा" भी है। वर्षा और बसंत का यह संयोग मनोहरी है। सराहनीय लेखन के लिए बधाई। कृपया पर्यावरण और बसंत पर ये दोहे पढ़िए......
    ==============================
    गाँव-गाँव घर-घ्रर मिलें, दो ही प्रमुख हकीम।
    आँगन मिस तुलसी मिलें, बाहर मिस्टर नीम॥
    -------+------+---------+--------+--------+-----
    शहरीपन ज्यों-ज्यों बढ़ा, हुआ वनों का अंत।
    गमलों में बैठा मिला, सिकुड़ा हुआ बसंत॥
    सद्भावी - डॉ० डंडा लखनवी

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  27. aap bada sundar likhti hai, aapke gazal sangrah dhoondh k zaroor padhunga.

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  28. बबन पाण्डेय जी,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए आपका शुक्रिया !

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  29. डॉ० डंडा लखनवी जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक धन्यवाद !
    वाह..क्या खूब लिखा है आपने भी।

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  30. विवेक जैन जी,
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  31. अब सभी ब्लागों का लेखा जोखा BLOG WORLD.COM पर आरम्भ हो
    चुका है । यदि आपका ब्लाग अभी तक नही जुङा । तो कृपया ब्लाग एड्रेस
    या URL और ब्लाग का नाम कमेट में पोस्ट करें ।
    http://blogworld-rajeev.blogspot.com
    SEARCHOFTRUTH-RAJEEV.blogspot.com

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  32. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ।

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  33. दिव्या श्रीवास्तव जी,हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

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  34. बाबूलाल गढ़वाल "मंथन" जी,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया.

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  35. अमरजीत जी,
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है! हार्दिक धन्यवाद!

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  36. बहुत सुन्दर हैं आप की प्रस्तुति
    बहुत- बहुत शुभकामना

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  37. दीपांकर कुमार पाण्डेय जी, मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक धन्यवाद. आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए।

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