Varsha Singh
कवयित्री / शायरा डॉ. वर्षा सिंह
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गीत - चर्चा
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फोटो गैलरी -2
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सोमवार, अक्टूबर 29, 2018
वर्षा का गीत - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh गरमी के झुलसाते दिन तो गए बीत मौसम ने गाया है वर्षा का गीत वर्षा का गीत, वर्षा का गीत। कितना भी सूखे न...
10 टिप्पणियां:
रविवार, अक्टूबर 28, 2018
गीत .... लुप्त होती जा रही है चेतना - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh शून्य होती जा रही संवेदना लुप्त सी होने लगी है चेतना बद से बदतर गांव की हालत हुई घर से बेघर चैन की चाहत हुई ...
शनिवार, अक्टूबर 27, 2018
कविता ..... ज़रूरतें - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh सड़क किनारे ढाबों की कतारें देख कर सोचती हूं मैं अपनी और अपने परिवार की पूरी ज़रूरतें पूरी करने के लिए ये...
बुधवार, अक्टूबर 24, 2018
गीत ... सृजन - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh जीवन का जब छंद नया बन जाएगा प्राणवान हो अमृत रस छलकायेगा सृजन हमारा तभी रंग ला पायेगा भाषा केवल संप्रेषण तक...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, अक्टूबर 23, 2018
गीत .... बचपन - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh गीत फूलों जैसी ताज़ा अब भी बचपन की स्मृतियां हैं खेल-खिलौने, झूला-मस्ती, प्यारी-प्यारी सखियां हैं चिंता स...
शनिवार, अक्टूबर 20, 2018
निपट देहात में - डॉ. वर्षा सिंह
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Dr. Varsha Singh निपट देहात में जहां पानी की किल्लत झेल रहे हैं रहवासी जहां रोज़गार के लिए जद्दोजहद में लगे हैं युवा जहां शिक्षा ...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, अक्टूबर 19, 2018
विजयादशमी की शुभकामनाएं Happy Dussehra
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Dr. Varsha Singh विजयादशमी के पावनपर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं🙏 आईये, इस अवसर पर तुलसीदास कृत रामचरित मानस के इस छंद का स्मरण करें ज...
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